bhagalpur news. तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने प्रयोगशाला सेवक की प्रोन्नति को पाया गलत

जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल मायागंज में प्रयोगशाला सेवक प्रमोद कुमार की प्रोन्नति मामले में नया मोड़ आ गया. मामले में जांच कमेटी ने प्रोन्नति को गलत पाया.

जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल मायागंज में प्रयोगशाला सेवक प्रमोद कुमार की प्रोन्नति मामले में नया मोड़ आ गया. मामले में जांच कमेटी ने प्रोन्नति को गलत पाया. दरअसल, जब इस मामले की शिकायत मिलने पर मायागंज अस्पताल अधीक्षक डॉ अविलेश कुमार ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया था. सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के उपाधीक्षक डॉ अजय कुमार सिंह, मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ राजकमल चौधरी व उपाधीक्षक डॉ रेखा झा कमेटी में शामिल थे. प्रमोद कुमार की शैक्षणिक योग्यता 10वीं थी, इसके अलावा कोई टेक्निकल योग्यता नहीं थी, तब प्रोन्नति कैसे मिल गयी. प्रोन्नति को गलत मानते हुए उसे रद्द करते हुए उसके पहले वेतनमान व पद पर कार्य करने संबंधी आदेश की अनुशंसा जारी की. उसके अंतर वेतन सीमा की कटौती 16 अगस्त 2023 के बाद से करने की भी अनुशंसा की गयी.

मालूम हो कि प्रमोद कुमार की नियुक्ति 16 अगस्त 2014 को प्रयोगशाला सेवक के रूप में हुई. उनका वेतनमान 5200-20200 ग्रेड पे था. 14 जनवरी 2019 को गठित प्रोन्नति समिति के निर्णय के आलोक में वेतनमान पीबी-1 ग्रेड वेतन 2000 लेवल-3 से औपबंधिक (प्रोविजनल) प्रयोगशाला सहायक (लैब टेक्नीशियन) के रिक्त पद पर प्रोन्नति दी गयी थी. 22 जनवरी 2019 को 21700 रुपये व एक जुलाई 2020 को 22400 रुपये वेतन भी निर्धारित कर दी गयी. तब से जुलाई 2025 तक लैब टेक्नीशियन के रूप में क्लीनिकल पैथोलॉजी में ड्यूटी करते हुए अपना वेतन उठाता रहा. मामले में मायागंज अस्पताल के अधीक्षक डॉ अविलेश कुमार ने कहा कि कमेटी की जांच पूरा होने के बाद प्रोन्नति को रद्द कर दिया गया. फिर उसे प्रयोगशाला सेवक बनाया गया. वेतनमान की कटौती संबंधी आदेश भी जारी कर दिया गया है.

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By ATUL KUMAR

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