बिहार सरकार और केंद्र सरकार ने भारत की जनगणना 2027 के लिए कमर कस ली है. जनगणना कार्य निदेशालय, बिहार द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार, राज्य में मकान सूचीकरण का कार्य दो से 31 मई तक संचालित किया जायेगा. इस 30 दिवसीय अभियान के दौरान प्रगणक हर घर का नंबर देंगे और डाटा संकलित करेंगे. खास बात यह है कि इस बार डिजिटल इंडिया के तहत आम नागरिकों को ””स्व-गणना”” की सुविधा भी दी जा रही है. नागरिक 17 अप्रैल से एक मई तक ऑनलाइन पोर्टल पर स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे. सभी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार के जनगणना कार्य निदेशालय के निदेशक एम रामचंद्रुडु ने जिलाधिकारी सह प्रधान जनगणना अधिकारी को निर्देश जारी किया है. इस तरह होगा काम 700-800 की जनसंख्या पर एक एचएलबी : आवासीय क्षेत्रों में 700-800 की जनसंख्या पर एक ””मकान सूचीकरण ब्लॉक”” (एचएलबी) बनाया गया है. प्रत्येक छह प्रगणकों पर एक पर्यवेक्षक की नियुक्ति होगी. मकानों का नंबर : प्रगणक द्वारा हर भवन पर स्थायी मार्कर से नंबर लिखा जायेगा. इसके लिए ””सीएन”” (सेंसस नंबर) उपसर्ग का प्रयोग होगा. मलिन बस्तियों पर विशेष ध्यान : शहरी क्षेत्रों में मलिन बस्ती (स्लम) और गैर-मलिन क्षेत्रों के लिए अलग-अलग ब्लॉक बनाये जायेंगे, ताकि डाटा का प्रसंस्करण सटीक हो सके. अधिकार का दावा नहीं : परिपत्र में स्पष्ट किया गया है कि जनगणना के दौरान दिये गये मकान नंबर किसी भी प्रकार के नियमितीकरण का कानूनी अधिकार प्रदान नहीं करेगा.
bhagalpur news. जनगणना 2027 की तैयारी शुरू, दो मई से घर-घर पहुंचेंगे प्रगणक
बिहार सरकार और केंद्र सरकार ने भारत की जनगणना 2027 के लिए कमर कस ली है.
