भागलपुर में बिजली संकट से बाजार बेहाल, अंधेरी गलियों में 50 फीसदी कारोबार प्रभावित
Bhagalpur News : भीषण गर्मी, बार-बार बिजली कटौती और आंधी में टूटे पोल-तार ने भागलपुर के कारोबार की रफ्तार धीमी कर दी है. मुख्य बाजार की संकरी और अंधेरी गलियों में अब ग्राहक पहुंचने से भी कतरा रहे हैं.
भागलपुर से दीपक राव की रिपोर्ट
Bhagalpur News : भागलपुर शहर में इन दिनों बिजली संकट ने आम लोगों के साथ व्यापारियों की परेशानी भी बढ़ा दी है. गर्मी शुरू होते ही बिजली कटौती बढ़ गयी थी और हाल की आंधी के बाद बिजली पोल व तार टूटने से व्यवस्था और बदहाल हो गयी. शहर के मुख्य बाजारों में बिजली संकट का सबसे ज्यादा असर कारोबार पर पड़ रहा है. व्यापारियों का कहना है कि अंधेरी गलियों में स्थित करीब 60 फीसदी दुकानों का कारोबार प्रभावित हो रहा है, जबकि कई क्षेत्रों में बिक्री 50 फीसदी तक गिर गयी है.
जेनरेटर के सहारे चल रहा बाजार
इस्टर्न बिहार चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के पूर्व अध्यक्ष और थोक कपड़ा कारोबारी श्रवण बाजोरिया ने बताया कि बिजली संकट के कारण अपार्टमेंट से लेकर बाजार तक जेनरेटर पर निर्भरता बढ़ गयी है. शहर में करीब 3000 छोटे-बड़े जेनसेट चल रहे हैं, जिससे प्रतिदिन लगभग 20 हजार लीटर डीजल की अतिरिक्त खपत हो रही है.उन्होंने कहा कि डीजल और पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ती कीमतों का सीधा असर व्यापारियों और उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है. इसके साथ ही ध्वनि और वायु प्रदूषण भी तेजी से बढ़ा है.
अंधेरी गलियों में ग्राहक पहुंचने से कतरा रहे
सोनापट्टी, मारवाड़ी टोला लेन, कलाली गली, हड़ियापट्टी, जैन कटरा और लोहापट्टी जैसे बाजारों की अधिकांश दुकानें संकरी गलियों में स्थित हैं. बिजली नहीं रहने पर यहां अंधेरा छा जाता है, जिससे ग्राहकों को खरीदारी करने में परेशानी होती है.जिला स्वर्णकार संघ के पूर्व सचिव विजय साह ने बताया कि आंधी से पहले भी दिनभर में करीब 20 बार बिजली कटती थी. आंधी के बाद दो दिनों तक बिजली पूरी तरह बाधित रही और अब भी कई बार कटौती हो रही है.
इलेक्ट्रॉनिक कारोबार पर सबसे ज्यादा असर
इस्टर्न बिहार चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष शरद सलारपुरिया ने बताया कि बिजली संकट के कारण बिजली से संबंधित सामानों के कारोबार में करीब 50 फीसदी गिरावट आयी है.इलेक्ट्रॉनिक व्यवसायियों के अनुसार फ्रिज, एसी और कूलर की बिक्री आधी रह गयी है, जबकि एलसीडी और वॉशिंग मशीन के कारोबार में भी 30 से 40 फीसदी गिरावट दर्ज की गयी है.व्यवसायी नवनीत ढांढानिया ने बताया कि पहले रोजाना 100 पंखों तक की बिक्री हो जाती थी, लेकिन अब 50 पंखों की बिक्री भी मुश्किल हो गयी है.
शाम होते ही बाजार में घटने लगती है भीड़
रेडीमेड व्यवसायी अभिषेक जोशी ने बताया कि बिजली नहीं रहने के कारण शाम होते ही ग्राहक बाजार आना कम कर देते हैं. गर्मी और अंधेरे की वजह से ग्राहक और दुकानदार दोनों परेशान रहते हैं, जिससे कारोबार प्रभावित हो रहा है.वहीं जेनरल स्टोर व्यवसायी विजय कुमार ने कहा कि बिजली संकट के कारण कोल्ड ड्रिंक्स की बिक्री पर भी असर पड़ा है. शहर में 300 से अधिक दुकानों पर ठंडे पेय की बिक्री घट गयी है.
व्यापारियों ने मांगी स्थायी समाधान की व्यवस्था
व्यापारियों का कहना है कि अगर जल्द बिजली व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गयी तो बाजार का कारोबार और प्रभावित हो सकता है. लोगों ने प्रशासन और बिजली विभाग से टूटे पोल और तारों की जल्द मरम्मत कर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है.