bhagalpur news. मो नाजिर हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा, होटल मालिक सहित तीन आरोपित गिरफ्तार

घोघा थाना क्षेत्र के अमापुर दियारा में पांच टुकड़ों में मिली सिर कटी लाश की पहचान होने के बाद पुलिस ने हत्याकांड का सफल उद्भेदन करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है.

घोघा थाना क्षेत्र के अमापुर दियारा में पांच टुकड़ों में मिली सिर कटी लाश की पहचान होने के बाद पुलिस ने हत्याकांड का सफल उद्भेदन करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार आरोपितों में महेंद्र होटल के मालिक महेंद्र मंडल, चालक पुरषोत्तम कुमार और बजरंगी मुनि है. पुलिस ने घटना में प्रयुक्त दो दबिया, एक मोटरसाइकिल, एक मोबाइल और खून सना शर्ट और पेंट बरामद किया है. मालूम हो कि छह मार्च को पांच टुकडों में सिर कटी लाश बरामद होने के बाद पुलिस मामले की छानबीन में जुटी थी, पुलिस को इतना पता चल गया था कि मृतक सनोखर थाना क्षेत्र के बड़ी नाकी निवासी मो सलामत का पुत्र मो नाजिर है. लेकिन इस बात की पुष्टि तब हुई जब शुक्रवार को पुलिस ने तालाब में दफन मृतक का सिर बरामद किया. शुक्रवार को ही परिजनों ने नाजिर का सर देख कर विधिवत शिनाख्त की. इसके बाद पुलिस ने गिरफ्तारी की कार्रवाई की. होटल में ही गला घोंट की हत्या फिर बहियार ले जा कर कई टुकड़ों में काटा कहानी सामने आयी है कि महेंद्र मंडल के होटल में ही नाजिर लंबे समय से काम करता था. इन दिनों नाजिर का व्यवहार महेंद्र मंडल और उसके परिवार वालों को अच्छा नहीं लग रहा था. इसलिए महेंद्र मंडल ने उसे हटाने का निर्णय लिया, लेकिन नाजिर इस बात पर घोर आपत्ति थी. नाजिर किसी भी सूरत में होटल में काम करना चाहता था. इस कारण पिछले कई दिनों से महेंद्र मंडल और नाजिर के बीच झगड़ा होता रहता था. होली में दोनों के बीच काफी तू तू में में हुई. कहा जा रहा है कि नाजिर ने महेंद्र पर हमला बोल दिया था. तब महेंद्र ने भी अपने बेटों और उसके वाहन चालकों को मौके पर बुलाया. इसके बाद हुई मारपीट के दौरान नाजिर की गला घोंट कर हत्या कर दी गयी. हत्या के बाद पुलिस के भय से सभी ने मिल कर शव का छिपाने का निर्णय लिया. मोटरसाइकिल पर बीच में बैठा कर शव को बहियार ले कर गये और वहां शव को पांच टुकड़ों में काट दिया और सभी टुकड़ों को अलग अलग जगहों पर छिपा दिया. घटना के तीन दिन बाद पुलिस ने पांच टुकड़ों को बरामद कर लिया था. पुलिस की कार्रवाई की बाबत सिटी एसपी शैलेंद्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि घटना के बाद वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव के निर्देशन में और उनकी निगरानी में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कहलगांव के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया. तीनों आरोपितों से पूछ ताछ के क्रम में पुरषोत्तम की निशानदेही पर सिर बरामद किया गया. सिटी एसपी ने बताया कि महेंद्र मंडल और बजरंगी मुनि का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है. गिरफ्तार बजरंगी मुनि महेंद्र के ग्रामीण बबलू मंडल का चालक है तो पुरषोत्तम, महेंद्र मंडल के पुत्र मंगल मंडल का चालक है. कांड में संलिप्त अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है. जबकि मामले में पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार है. आखिर क्यों महेंद्र मंडल के आंखों की किरकरी बन गया था नाजिर स्थानीय लोगों ने बताया कि नाजिर काफी कर्मठ था. जिस कारण शुरुआती समय में मालिक उसे खूब पसंद करते थे. इस कारण उसे होटल के अधिकांश जिम्मेदारियों को सुपुर्द कर दिया गया. जिसके बाद समय के साथ नाजिर खुद को मालिक समझने लगा था. वह महेंद्र मंडल या उसके घर के सदस्यों की बात नहीं मानता था और अपनी मनमर्जी करता था. इसी कारण से महेंद्र उसे हटाना चाहता था. दूसरी तरफ सूत्र यह भी बता रहे हैं कि नौकरी से हटाये जाने के बाद नाजिर मालिक से बड़ी रकम की डिमांड भी कर रहा था. अब यह रकम उसका मेहनताना या पगार की रकम थी या कुछ और यह बात अभी स्पष्ट नहीं है. हालांकि पुलिस मामले में सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए छानबीन कर रही है. छापेमारी अभियान में घोघा के थानाध्यक्ष आशुतोष कुमार और पुलिस अवर निरीक्षक संदीप कुमार के साथ अन्य पुलिस बल और डीआईयू की टीम शामिल थी.

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By NISHI RANJAN THAKUR

NISHI RANJAN THAKUR is a contributor at Prabhat Khabar.

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