Bhagalpur News: तीन बार रेकी कर चुकी थी पुलिस, फिल्मी स्टाइल में लालजी को पकड़ी

एसटीएफ के साथ आधी रात को पेन-पेपर पर बनाया गिरफ्तारी का नक्शा, फिर बोला धाबा

फोलोअप

– एसटीएफ के साथ आधी रात को पेन-पेपर पर बनाया गिरफ्तारी का नक्शा, फिर बोला धाबा

– फाइनेंस कर्मी के पास 40 लाख रुपये होने की सूचना पर लालजी व अन्य बदमाशों ने सबौर में की थी लूटपाट- सबौर में लूट में मिला था मात्र पांच लाख रुपये, कुख्यात टैरा से भी संपर्क के मिल रहे संकेत

नमन कुमार चौधरी, नाथनगर

मधुसूदनपुर थानाक्षेत्र के गोलाहु चौर से तीन कुख्यात बदमाश लालजी यादव, सन्नी यादव व सिटी यादव की गिरफ्तारी से पुलिस व आम पब्लिक ने राहत की सांस ली है. बताया जाता है कि मुंगेर निवासी लालजी ने लूटपाट को अंजाम देने के लिए कुछ स्थानीय छोटे-बड़े बदमाशों से भी दोस्ती कर रखी थी. उसने सबौर के कुख्यात टैरा मंडल से भी गहरा नाता रखा था. कहा ये भी जाता है कि लालजी की गिरफ्तारी के बाद थाने पर मिलने टैरा सहित कई बदमाश प्रवृत्ति के लोग पहुंचे थे. इसमें कुछ को पुलिस पहचान नहीं पायी. पुलिस सूत्रों कि मानें तो लालजी ने कबूला कि 6 जुलाई को उसने सबौर में फाइनेंस कर्मी से लूटपाट की थी. उक्त कर्मी के पास 40 लाख रुपये होने की सूचना थी. बड़ा हाथ मारने के उद्देश्य से घटना को अंजाम दिया पर कर्मीं के पास करीब पांच लाख रुपये ही मिला जिसे आपस में बांट लिया.

जमीन खरीदार बन कर गये थानेदार, सटीक सूचना पर बोला धाबा

बताया जाता है कि लालजी व उसके साथियों के गोलाहु में रुकने की सूचना एक माह पहले ही मिली थी. इस दौरान मधुसुदनपुर थानेदार सफदर अली ने तीन बार छिपे होने वाले स्थल चौर की रेकी की थी. वो एक दो आदमी के साथ सादे लिवास में जमीन कारोबारी बन कर भी वहां गये थे. गिरफ्तारी वाली रात लालजी व अन्य बदमाशों ने चौर में गोलियां चलायी थी. सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष ने जाल बिछाया. इसके लिए रात के करीब तीन बजे क्यूआरटी व थाने की पुलिस को बुला कर गिरफ्तारी का प्लान तैयार किया. गांव जाकर घेराबंदी करने का पेन पेपर से नक्शा बनाया. फिर चार चक्का व बाइक लेकर वहां धाबा बोला. तब तक सुबह के चार बज चुके थे. सभी बदमाश रात में नशा किया था इसलिए चौर में पेंड़ के नीचे झोपड़ी में बेसुध होकर सोए थे. जिसका फायदा पुलिस को गिरफ्तारी में मिली. हालांकि, बदमाश सिटी यादव पुलिस को धक्का देकर भाग गया. पुलिस ने खदेड़कर उसे पकड़ा. अगर सभी बदमाश जगे रहते, तो काउंटर की आशंका थी. पुलिस ने जान पर खेलकर तीनों को गिरफ्तार किया.

लोगों में है चर्चा कि पुलिस में है लालजी की गर्लफ्रैंड

चर्चा इस बात की भी है कि कुख्यात बदमाश लालजी ने गर्लफ्रैंड भी रखा है. जिसे बाद में पुलिस विभाग में सिपाही में नौकरी हो गयी. सूत्रों की मानें तो गर्लफ्रैंड काफी समझदार है व इसे आपराधिक घटना करने से मना करती हैं. इसको बीच बीच में मदद भी करती हैं.

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Author: SANJIV KUMAR

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