PM-JANMAN योजना से जनजातीय छात्रों को मुफ्त हॉस्टल की सुविधा, 41.25 करोड़ की परियोजना को मंजूरी

बिहार सरकार ने विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) के छात्रों के लिए एक बड़ी पहल की है. PM-JANMAN के तहत भागलपुर समेत 6 जिलों में 15 नए छात्रावास बनाए जाएंगे, जहां छात्रों को बिना किसी शुल्क के रहने और पढ़ने की सुविधा मिलेगी. इस योजना के लिए 41.25 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है.

Bhagalpur News: बिहार सरकार ने विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) के छात्रों के लिए एक बड़ी पहल की है. प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (PM-JANMAN) के तहत भागलपुर समेत छह जिलों में 15 नए छात्रावास (हॉस्टल) बनाए जाएंगे, जहां असुर, बिरहोर, बिरजिया, माल पहाड़िया, सौरिया पहाड़िया, महेंद्र पहाड़िया, हिलखड़िया और सवर समुदाय के छात्र-छात्राओं को बिना किसी शुल्क के रहने और पढ़ाई की सुविधा मिलेगी. इस योजना के लिए कुल 41.25 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है और निर्माण कार्य शुरू करने के लिए 3.75 करोड़ रुपये की पहली किश्त जारी कर दी गई है.

PM-JANMAN योजना के तहत शुरू हुई नई पहल

शिक्षा विभाग के उप सचिव अजय सतीश भेंगरा द्वारा जारी पत्र के अनुसार यह परियोजना केंद्र प्रायोजित PM-JANMAN योजना के अंतर्गत लागू की जाएगी.

राज्य सरकार ने इस योजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का लक्ष्य रखा है और सभी 15 छात्रावासों का निर्माण तथा संचालन वित्तीय वर्ष 2026-27 के भीतर पूरा करने की तैयारी की गई है.

इन छह जिलों में बनेंगे नए छात्रावास

इस योजना का लाभ भागलपुर, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज और कैमूर जिलों के जनजातीय छात्रों को मिलेगा.

इन जिलों में ऐसे छात्रावास स्थापित किए जाएंगे, जहां दूर-दराज के आदिवासी परिवारों के बच्चों को सुरक्षित आवासीय वातावरण और पढ़ाई के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.

नेताजी सुभाष चंद्र बोस छात्रावास मॉडल पर होगा संचालन

सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन छात्रावासों का संचालन केंद्रीय स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार नेताजी सुभाष चंद्र बोस छात्रावास मॉडल पर किया जाएगा.

यहां 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के छात्र-छात्राओं को रहने, पढ़ने और आवश्यक शैक्षणिक सुविधाएं पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी.

किन समुदायों के छात्रों को मिलेगा लाभ

बिहार में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) के अंतर्गत मुख्य रूप से असुर, बिरहोर, बिरजिया, हिलखड़िया, माल पहाड़िया, सौरिया पहाड़िया, महेंद्र पहाड़िया और सवर समुदाय शामिल हैं.

इन समुदायों की आबादी राज्य के 15 जिलों में फैली हुई है और सरकारी आंकड़ों के अनुसार इनकी कुल जनसंख्या लगभग 8,500 है.

शिक्षा से जोड़ने की बड़ी कोशिश

इन समुदायों के अधिकांश परिवार दूरस्थ और संसाधन-विहीन क्षेत्रों में रहते हैं, जहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आवासीय सुविधा और बुनियादी सेवाओं तक पहुंच सीमित है.

ऐसे में यह परियोजना केवल हॉस्टल निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इन बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा, नियमित विद्यालयी वातावरण और बेहतर भविष्य से जोड़ने का प्रयास भी है.

Bhagalpur News: पहली किश्त जारी, निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा

कैबिनेट से 41 करोड़ 25 लाख रुपये की स्वीकृति मिलने के बाद सरकार ने 3.75 करोड़ रुपये की पहली किश्त तत्काल जारी कर दी है.

इससे निर्माण कार्य को गति मिलेगी और संबंधित जिलों में छात्रावास परियोजनाओं पर जल्द काम शुरू होने की संभावना है.

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि योजना तय समय सीमा में पूरी होती है, तो यह बिहार के सबसे वंचित जनजातीय समुदायों के छात्रों के लिए शिक्षा और सामाजिक विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव साबित हो सकती है.

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By संजीव झा

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