कला केंद्र की लंबित परीक्षा को जल्द करायेंगे. प्रदेश सरकार के संस्कृति मंत्री से पहल करके संसाधन जुटाने की भी कोशिश होगी. उक्त बातें तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ रामाशीष पूर्वे ने शनिवार को कही. मौका था कला केंद्र परिसर में कला केंद्र व परिधि के संयुक्त तत्वावधान में चार दिवसीय परिधि सृजन मेला के शुभारंभ का. इससे पहले कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्व डीएसडब्ल्यू सह कला केंद्र के अध्यक्ष डॉ योगेंद्र, डॉ रामशीष पूर्वे, डीएसडब्ल्यू डॉ अर्चना साह ने संयुक्त रूप से किया. अतिथियों का स्वागत कला केंद्र के प्राचार्य राजीव कुमार सिंह ने किया, तो संचालन निदेशक उदय व ललन ने किया.
डॉ योगेन्द्र ने कला केंद्र के इतिहास की विस्तार से जानकारी दी. डॉ अर्चना कुमारी साह ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कला केन्द्र के विकास में योगदान की बात कही. आयोजन का शुभारंभ महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती पर अतिथियों ने उन्हें याद किया. पूरा परिसर फुले के जन्मोत्सव पर सजा हुआ था. बच्चे युवा महिलाओं ने संगीत संध्या में हिस्सा लिया. शास्त्रीय, लोक और सुगम संगीत में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया. चित्र, शिल्प, मूर्ति, मंजूषा और मिथिला लोक कला की प्रदर्शनी लगायी गयी. राजीव कुमार सिंह ने कहा कि इस बार मेले का केंद्रीय थीम इस बार वनोपज और देशज बीज रखा गया है. विकास के कथित दौड़ में प्राकृतिक संसाधनों का दोहन लूट आधारित अनियंत्रित अनैतिक लेन देन से उपजी हताशा में युद्ध और पर्यावरण विनाश का जो वैश्विक वातावरण बनता जा रहा है, वहां थोड़ा ठहर कर भूख मिटाने की मौलिक प्रयासों को याद करना जरूरी है, ताकि मानवीय प्रगति की भावी दिशा को संभाला और सम्यक बनाया जा सके. मेला में रिजेनरेटिव बिहार की जमुई से आई टीम ने स्टाल सजाया. इसमें बीजों और वनोपजों के व्यंजन ने अतिथियों को आकर्षित किया. आयोजन में संतोष कुमार सुमन, मनोज, जय नारायण, पूनम, जयप्रकाश, तकी अहमद जावेद, मिंटू कलाकार, संजय कुमार, मृदुल सिंह, वरिष्ठ कलाकार विजय कुमार शाह, राजेश कुमार झा, अर्जुन शर्मा, गणेश कुमार चंदन, स्मिता कुमारी, सरिता गुप्ता, रिंकी, नीलांजना, स्वाति चौधरी, अभिजीत, सौरव कुमार पासवान आदि का योगदान रहा.bhagalpur news. कला केंद्र की लंबित परीक्षा जल्द होगी, संसाधन जुटाने की होगी कोशिश
कला केंद्र की लंबित परीक्षा को जल्द करायेंगे. प्रदेश सरकार के संस्कृति मंत्री से पहल करके संसाधन जुटाने की भी कोशिश होगी
