टीएमबीयू प्रशासन ने पीजी जूलॉजी विभाग के वरिष्ठ शिक्षक प्रो अशोक कुमार ठाकुर के विरुद्ध प्राप्त विभिन्न शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एक उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया है. विश्वविद्यालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार यह कमेटी प्रो ठाकुर की पदोन्नति, परीक्षा में उनकी भूमिका और वित्तीय लेन-देन से जुड़े गंभीर आरोपों की जांच करेगी. कुलपति के आदेश पर रजिस्ट्रार द्वारा जारी इस अधिसूचना में समिति को निर्देश दिया गया है कि वह अपनी विस्तृत रिपोर्ट और स्पष्ट अनुशंसा 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से सौंपे. जांच का निर्णय विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और प्रशासनिक गलियारे में चर्चा का विषय बना हुआ है.
चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित
विश्वविद्यालय द्वारा गठित इस समिति में प्रो एसएन पांडेय को संयोजक बनाया गया है. इसके अलावा सांख्यिकी विभाग के अध्यक्ष प्रो नेसार अहमद, सिंडिकेट सदस्य डॉ मुश्फीक आलम और विश्वविद्यालय के वित्त पदाधिकारी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है.इन बिंदुओं पर होगी मुख्य जांच
पदोन्नति की वैधता : कमेटी इस बात की जांच करेगी कि प्रो ठाकुर की रीडर और प्रोफेसर पद पर पदोन्नति निर्धारित परिनियमों, नियमों और सरकारी मानदंडों के अनुसार हुई है या नहीं.पैट परीक्षा-2022 में भूमिका : पैट परीक्षा-2022 में उनकी संलिप्तता और भूमिका की जांच होगी. विशेष रूप से उनकी पुत्री के उक्त परीक्षा में शामिल होने के बावजूद उनकी भागीदारी और कथित अनियमितताओं की पड़ताल की जायेगी.
बीएन कॉलेज में वित्तीय गड़बड़ी : बीएन कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान हुए वित्तीय लेन-देन, फंड के उपयोग और खातों के रखरखाव की जांच ऑडिट नियमों के आधार पर की जायेगी.