विक्रमशिला फोरलेन पुल : पप्पू यादव ने निर्माण प्रक्रिया पर उठाये सवाल, गडकरी से की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग

Bhagalpur News : करोड़ों लोगों की उम्मीदों से जुड़े विक्रमशिला फोरलेन पुल की गुणवत्ता पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं. सांसद पप्पू यादव ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिलकर निर्माण कार्य की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने की मांग की है.

भागलपुर से अंजनी कुमार कश्यप की रिपोर्ट

Bhagalpur News : भागलपुर-पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने गंगा नदी पर विक्रमशिला सेतु के समानांतर बन रहे फोरलेन पुल की गुणवत्ता और निर्माण प्रक्रिया को लेकर गंभीर चिंता जताई है. उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर पूरे निर्माण कार्य की स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने की मांग की है. सांसद का कहना है कि यह परियोजना करोड़ों लोगों की जीवनरेखा बनने वाली है, इसलिए इसकी मजबूती और सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए.

गडकरी से मुलाकात कर उठाये गुणवत्ता के मुद्दे

सांसद पप्पू यादव ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि इससे पहले भी उन्होंने निर्माण कार्य में संभावित अनियमितताओं, घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल और गुणवत्ता मानकों की अनदेखी को लेकर पत्र लिखकर ध्यान आकर्षित कराया था. शिकायतों के बाद जांच भी कराई गई थी, लेकिन हालिया निरीक्षण और स्थानीय लोगों से मिली सूचनाओं के आधार पर कई गंभीर सवाल अब भी बने हुए हैं.

वीडियो और स्थानीय सूचनाओं से बढ़ी चिंता

पप्पू यादव ने कहा कि निर्माण स्थल से जुड़े वीडियो और स्थानीय नागरिकों की ओर से मिली जानकारियां परियोजना की गुणवत्ता को लेकर चिंता पैदा करती हैं. उनका मानना है कि इतने महत्वपूर्ण पुल के निर्माण में हर स्तर पर पारदर्शिता और तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित होना चाहिए.

करोड़ों लोगों के लिए अहम है यह परियोजना

विक्रमशिला सेतु के समानांतर बन रहा नया फोरलेन पुल केवल भागलपुर और पूर्णिया क्षेत्र के लिए ही नहीं, बल्कि उत्तर और दक्षिण बिहार के साथ-साथ पूर्वोत्तर भारत के करोड़ों लोगों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग साबित होगा. यह परियोजना क्षेत्रीय विकास, व्यापार और आवागमन की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

स्वतंत्र तकनीकी समिति से जांच की मांग

सांसद ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया है कि निर्माण कार्य की किसी स्वतंत्र और उच्चस्तरीय तकनीकी समिति से विस्तृत जांच कराई जाए. जांच में निर्माण सामग्री की वैज्ञानिक पड़ताल, तकनीकी ऑडिट और पूरी निर्माण प्रक्रिया की समीक्षा शामिल की जाए ताकि किसी भी तरह की अनियमितता की सच्चाई सामने आ सके.

दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग

पप्पू यादव ने कहा कि यदि जांच में गुणवत्ता मानकों के उल्लंघन, लापरवाही या भ्रष्टाचार की पुष्टि होती है तो संबंधित निर्माण एजेंसी, पर्यवेक्षण संस्था और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि जनता के टैक्स के पैसे से बनने वाली इस परियोजना में जवाबदेही और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए.

”यह सिर्फ पुल नहीं, विकास और विश्वास का प्रतीक”

सांसद ने कहा कि यह पुल केवल एक निर्माण परियोजना नहीं है, बल्कि करोड़ों लोगों के विश्वास, विकास और भविष्य से जुड़ा हुआ है. इसलिए इसकी गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती.

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By Amit kumar sinh

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