भागलपुर से ऋषव मिश्रा कृष्णा की रिपोर्ट :
जेएलएनएमसीएच में सुरक्षा कर्मियों के विरोध प्रदर्शन के बीच महिला कर्मियों ने कार्यस्थल की बदहाल व्यवस्था और कम वेतन को लेकर कई गंभीर आरोप लगाये हैं. महिला कर्मियों का कहना है कि ड्यूटी स्थल पर टायलेट तक की सुविधा उपलब्ध नहीं है. यदि वे दूर स्थित टायलेट का इस्तेमाल करने जाती हैं तो उन्हें अनुपस्थित कर दिया जाता है.महिला कर्मी नीतू कुमारी सहित अन्य कर्मियों ने बताया कि बात-बात पर नौकरी से हटाने की धमकी दी जाती है. कई कर्मियों को हाल के दिनों में हटाकर उनकी जगह नए लोगों को रख लिया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि अवकाश देने में भी प्रबंधन आनाकानी करता है. बच्चों की तबीयत खराब होने पर भी छुट्टी नहीं मिलती, जिसके कारण मजबूरी में उन्हें No Payment No Work के तहत अवकाश लेना पड़ता है.महीने में चार दिन की छुट्टी भी नहीं
महिला कर्मियों ने कहा कि नियम के अनुसार महीने में चार दिन की छुट्टी मिलनी चाहिए, लेकिन उन्हें यह सुविधा भी नहीं दी जाती. लगातार दबाव और असुविधा के बीच काम करना पड़ रहा है.
सामान चोरी होने पर वेतन से कटौती
सुरक्षा कर्मी सुनील कुमार राय ने बताया कि ड्यूटी के दौरान किसी सामान की चोरी हो जाने पर उसका पैसा कर्मियों के वेतन से काट लिया जाता है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन विभिन्न कारणों से वेतन कटौती करता है और कर्मियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है.बढ़ा वेतन अब तक नहीं मिला
कर्मियों का कहना है कि सरकार द्वारा वेतन बढ़ाने के बावजूद उन्हें पुराने दर से ही भुगतान किया जा रहा है. सिविल सुरक्षा कर्मियों का वेतन 15 हजार रुपये निर्धारित होने के बाद भी उन्हें केवल 9 हजार रुपये मिल रहे हैं. वहीं भूतपूर्व सैनिकों को तय 25 हजार की जगह 17 हजार और Gun Man को 30 हजार के बदले 22 हजार रुपये ही दिये जा रहे हैं.
