शहर के दक्षिण में वार्ड 45 के हसनगंज क्षेत्र में जारी नाला निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के उपयोग का आरोप लगा है. पार्षद धीरज कुमार के साथ स्थानीय लोगों ने निर्माण एजेंसी पर तय मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया है. मंगलवार को इस मुद्दे पर पार्षद, कार्यस्थल पर मौजूद मुंशी और अन्य लोगों के बीच तीखी बहस भी हुई. सूचना मिलने पर बुडको के सहायक अभियंता मौके पर पहुंचे और एजेंसी के कर्मियों को निर्देश दिया कि काम नियम और गुणवत्ता के अनुरूप कराया जाये. निरीक्षण के बाद वे वापस लौट गये. पार्षद का कहना है कि इस संबंध में उन्होंने पहले ही नौ अक्तूबर को बुडको को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन जब कोई सुधार नहीं हुआ तो 30 दिसंबर को फिर से पत्र सौंपा गया. आरोपों के अनुसार नाले के निर्माण में बेहद पतली छड़ का इस्तेमाल किया जा रहा है और बालू में मिट्टी की मिलावट भी साफ नजर आ रही है. इसी वजह से निर्माण के दौरान सीमेंट की बजाय कीचड़ जैसा मिश्रण दिखाई देता है. बताया जा रहा है कि एस्टीमेट तैयार करते समय छड़ की मोटाई का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है, केवल कुल वजन दर्ज है. इसी का लाभ उठाकर एजेंसी वजन के आधार पर अपनी सुविधा से छड़ लगा रही है.
मामले पर बुडको के कार्यपालक अभियंता राजेश कुमार ने सूचना पर जांच के लिए सहायक अभियंता को भेजा गया. रिपोर्ट मिलने के बाद विभाग अपने स्तर से पूरे प्रकरण की समीक्षा करेगा और गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं होने दिया जायेगा. वहीं एजेंसी के कर्मचारियों का कहना है कि निर्माण कार्य एस्टीमेट के अनुसार ही कराया जा रहा है और इसमें किसी प्रकार की अनियमितता नहीं है.कनकैथी एमआरएफ सेंटर की तकनीकी बिड खुलने की समय-सीमा बढ़ी
भागलपुर :
कनकैथी स्थित डंपिंग ग्राउंड में प्रस्तावित मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर को लेकर टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ायी गयी थी और इसकी तकनीकी बिड 30 दिसंबर को खोले जाने का समय तय था, लेकिन नगर आयुक्त के अवकाश पर रहने के चलते तकनीकी बिड खोलने की तय तिथि में बदलाव करते हुए अवधि को आगे के लिए बढ़ा दिया गया है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
