विवि के एक अधिकारी ने कहा कि आउट सोर्सिंग मद में सामंता सुरक्षा एजेंसी का बकाया भी शामिल है. बकाया भुगतान को लेकर एजेंसी कोर्ट के शरण में है. ऐसे में एजेंसी द्वारा जितना समय तक सेवा दिया गया, उसका भुगतान होना है. कहा कि विवि के प्रगति प्रतिवेदन में भी उल्लेख है. एजेंसी का मामला कोर्ट में है, जो सही होगा उसका भुगतान किया जायेगा.
उधर, प्रभारी कुलपति प्रो विमलेंदु शेखर झा ने कहा कि सामंता एजेंसी का बकाया करीब नौ करोड़ है. उनके रहते हुए विवि में कई बार चोरी हुई. पारिश्रमिक से राशि काटा जायेगा. मामला कोर्ट है. विवि से मामले में बढ़िया एसओएफ जायेगा. प्रभारी कुलपति ने सदन को बताया कि लाइब्रेरी में चोरी करने वा आरोपित पकड़ाया, लेकिन विवि के अधिकारी ने संज्ञान नहीं लिया. जबकि ऐसे लोगों को जेल भेजवाना था.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
