bhagalpur news. कपड़े, कागज, ऊन, जूट व बांस निर्मित मंजूषा ने किया आकर्षित
मंजूषा कला ने लोगों को किया आकर्षित.
-भागलपुर संग्रहालय में मंजूषा कला प्रदर्शनी सह मंजूषा हटिया का आयोजन
भागलपुर संग्रहालय व जिला कला एवं संस्कृति कार्यालय के तत्वावधान में रविवार को संग्रहालय परिसर में मंजूषा कला प्रदर्शनी सह मंजूषा हटिया का आयोजन हुआ. प्रदर्शनी में पारंपरिक और समकालीन स्वरूपों में तैयार की गई मंजूषा कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया. कलाकारों ने कैनवास, कपड़े और कागज पर निर्मित मंजूषा चित्रों के अतिरिक्त ऊन, सिक्की घास, जूट, बांस तथा अन्य स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों से निर्मित विविध प्रकार की कलात्मक वस्तुओं से अतिथियों को आकर्षित किया.
माह के पहले रविवार को कला प्रेमियों को मुहैया कराया जायेगा साझा मंच
जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी, भागलपुर अंकित रंजन के मार्गदर्शन में एक दिवसीय प्रदर्शनी लगायी गयी. कला प्रेमियों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों को अंग प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित होने का अवसर मुहैया कराया गया. उन्होंने प्रत्येक माह के प्रथम रविवार को कलाकारों और कला प्रेमियों को साझा मंच उपलब्ध कराने की बात कही. आज आयोजित प्रथम प्रदर्शनी में 30 से अधिक कलाकारों ने भाग लिया. उत्कृष्ट कलाकृतियों का प्रदर्शन किया. प्रदर्शनी के उद्घाटन में प्रतिभागी कलाकारों की चयनित कलाकृतियों को समाहित करते हुए तैयार की गई एक विशेष कैटलॉग का भी लोकार्पण किया गया. मंजूषा गुरु मनोज पंडित ने बताया कि कैटलॉग में प्रदर्शनी में भाग लेने वाले कलाकारों का संक्षिप्त परिचय, उनकी प्रमुख कृतियों का विवरण तथा मंजूषा कला की परंपरा और विकास यात्रा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां संकलित की गयी है. कार्यक्रम में मंजूषा गुरु मनोज कुमार पंडित, डॉ उलूपी झा, डॉ मनोज मिता, कलाकार विशुद्धानंद, कलाकार हीना, अनुकृति, अंजना आदि शामिल हुए. दिनभर आगंतुकों ने विभिन्न कलाकारों की कृतियों का अवलोकन किया, उनसे संवाद स्थापित किया तथा मंजूषा कला की तकनीक, इतिहास, सांस्कृतिक पृष्ठभूमि और वर्तमान संभावनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की. कलाकारों और कला प्रेमियों के बीच संवाद का एक सकारात्मक वातावरण देखने को मिला.