Bhagalpur News: मैंगो शावर से टिकोले व सब्जियों को फायदा, गेहूं व मकई को नुकसान

जिले में गुरुवार को आसमान में घने बादल छाये रहे. नगर निगम क्षेत्र समेत प्रखंडों में भी दिनभर रुक-रुक कर हल्की बारिश होती रही

– जिले में दिनभर रुक-रुककर होती रही बारिश, छाये रहे बादल

वरीय संवाददाता, भागलपुर

जिले में गुरुवार को आसमान में घने बादल छाये रहे. नगर निगम क्षेत्र समेत प्रखंडों में भी दिनभर रुक-रुक कर हल्की बारिश होती रही. बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र व पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव से मौसम में बदलाव आया है. बारिश व घने बादल के कारण जहां लोगों को कड़ी धूप व गर्मी से राहत मिली. मैंगो शावर से आम के सूख रहे टिकोले व गरमा सब्जियों की फसल में जान आ गयी है. वहीं, गेहूं की कटाई अब तक पूरा नहीं कर पाये किसानों की फसल भींग गयी. पशुओं को खिलाने के लिए खलिहान में रखे गेहूं, मसूर के भूसे भी पानी से सराबोर हो गये. किसानों ने बताया कि खेतों में लगे मकई के परिपक्व फसल को भी नुकसान पहुंचा है. मामले पर भूगोलविद डॉ एसएन पांडेय ने बताया कि भागलपुर समेत पूरे बिहार में अप्रैल व मई में आंधी व बारिश का ट्रेंड रहा है.

तापमान में छह डिग्री की कमी

गुरुवार को बारिश के कारण दोपहर के अधिकतम तापमान में छह डिग्री की कमी आयी. अधिकतम तापमान 27.2 डिग्री व न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री रहा. हवा में नमी की अधिकतम मात्रा 85 प्रतिशत रहा. 4.5 किमी/घंटा की गति से पछिया हवा चलती रही.

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क्या है मैंगो शावर

मार्च से मई के बीच होने वाली मानसून पूर्व की बारिश को मैंगो शावर कहते हैं. इसे आम की बारिश या गर्मियों की बारिश भी कहा जाता है. असम में इसे चाय की बौछार और पश्चिम बंगाल में कालबैशाख कहते हैं. यह भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया के कई हिस्सों में होती है. खास तौर पर यह बारिश केरल और कर्नाटक में होने का प्रचलन है. अधिकांशत: यह गर्म हवा के समुद्री आद्र हवा के मिलने या बंगाल की खाड़ी में तूफान की वजह से होती है. इससे आम के टिकोले का तेजी से ग्रोथ होता है.

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By SANJIV KUMAR

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