Bhagalpur News. गांव की आवाज मुखरित करने वाले लेखक दुर्लभ: डॉ अमरेंद्र

उपन्यास व कहानी संग्रह का विमोचन.

-सुरेंद्र प्रसाद यादव के उपन्यास मदार कुसुम व कहानी संग्रह मठनी का विमोचन

सामाजिक संगठन अंग जन गण और साहित्यिक संस्था अंग संवाद के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को वरिष्ठ साहित्यकार सुरेंद्र प्रसाद यादव के उपन्यास और कहानी संग्रह का लोकार्पण एक होटल सभागार में किया गया.वरिष्ठ साहित्यकार डॉ अमरेंद्र ने कहा कि वर्तमान समय में जहां गांव की आवाज को मुखरित करने वाले लेखकों की काफी कमी है, ऐसे में साहित्यकार सुरेंद्र प्रसाद यादव इस कार्य को बखूबी कर रहे हैं. वरिष्ठ साहित्यकार सुरेंद्र प्रसाद यादव के उपन्यास मदार कुसुम, कहानी संग्रह “मठनी ” और इन्हीं की रचनाओं पर आधारित “आंगी ” पत्रिका के विशेषांक का लोकार्पण किया गया. उन्होंने कहा कि सुरेंद्र प्रसाद यादव ने अपनी कहानियों में प्रेमचंद और रेणु की परंपरा को आज भी जिंदा बनाए रखा है. सुंदरवती महिला महाविद्यालय के बीएड विभाग की व्याख्याता डॉ आभा पूर्वे ने कहा कि वे सुरेंद्र जी के कथा साहित्य से उस समय से परिचित हैं. जब उनकी कहानियों का पहला संग्रह “मगरी ” का प्रकाशन हुआ था और आज तक ये कथा साहित्य से जुड़े हुए हैं. यह कम आश्चर्य की बात नहीं है. वरिष्ठ पत्रकार प्रसून लतांत ने कहा कि श्री यादव शहरीकरण के बढ़ते दौर में उपेक्षित ग्रामीण जनजीवन की दबी आवाज को बुलंद करने वाले लेखक के रूप में शुमार किए जाते हैं. साहित्यकार सत्य नारायण मंडल ने कहा कि सुरेंद्र प्रसाद यादव जीवन के बीच से कहानियों को चुनते हैं, यही कारण है कि इनकी कहानियां सीधे मन तक उतरती हैं. वरिष्ठ रंगकर्मी और साहित्यकार शीतांशु अरुण ने कहा कि सुरेंद्र प्रसाद यादव की कहानियों में सामान्य ग्रामीण जन की आशाओं और आकांक्षाओं का जीवंत चित्रण है. लोक गायिका अर्पिता चौधरी, वरिष्ठ कवि राजकुमार, साहित्यकार डॉ श्वेता भारती ने भी विचार व्यक्त किया. लोकार्पण समारोह का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ पत्रकार प्रसून लतांत ने किया.

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By KALI KINKER MISHRA

KALI KINKER MISHRA is a contributor at Prabhat Khabar.

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