सरकार जनजातियों का उत्थान व सर्वांगिंग विकास के लिए जनजाति बाहुल्य गांव में पदाधिकारी घर-घर जा कर जनजातीय उत्सव के तहत जन भागीदारी अभियान चला रही है, वही दूसरी ओर सन्हौला प्रखंड क्षेत्र के गोकुलपुर गांव के दर्जनों आदिवासी परिवार बेघर होने के कगार पर है. उनकी पुश्तैनी जमीन व घर पर भू माफियाओं की बुरी नजर है. मंगलवार को गोकुलपुर गांव के दर्जनों आदिवासी परिवार अपनी जमीन का कागजात लेकर अपना हक वापस लेने के लिए सन्हौला अंचल पहुंच संयुक्त रूप से लिखित आवेदन देकर भू माफियाओं से अपना घर जमीन को बचाने की अपील की. अंचल में उपस्थित आदिवासी परिवार ने बताया कि मेरे पूर्वज जिस जमीन पर घर मकान बना रह रहे थे आज सारी जमीन दबंग भू माफिया हथियाना चाह रहे हैं. घर आ कर धमकी देते है कि यह जमीन हमलोगों की है, खाली करो नहीं तो जिन्दा नहीं बच पाओगे.
सन्हौला प्रखंड क्षेत्र का गोकुलपुर गांव आदिवासी बाहुल्य है 1973-74 में गांव के दर्जनों आदिवासी परिवार को राजश्व भूमि सुधार विभाग की ओर से घर बनाने के लिए जमीन आवंटित कर परवाना निर्गत हुआ. पुराना खाता खेसरा से उनलोगों का जमाबंदी कायम होकर परवाना धारी के नाम से रसीद कट रहा है. सर्वे में उक्त जमीन नाया खाता ओर खसरा बन कर दूसरे के नाम पर हो गया, वह जमीन पर अब भू माफियाओं की नजर है ओर बेचना चाह रहे है, जिसको लेकर आदिवासी परिवार को तरह-तरह की धमकी मिल रही है, जिससे वह लोग भयभीत है. आदिवासी परिवार कोर्ट की शरण में गया, कोर्ट में मामला लंबित होने के बावजूद सन्हौला अंचल की ओर से उक्त जमीन भू माफिया के नाम से दाखिल ख़ारिज किया जा रहा है, जिससे आदिवासी लोग बेघर होने के कगार पर है.Bhagalpur news आदिवासी के घर व जमीन पर भू माफियाओं की नजर, अंचल पहुंच की शिकायत
गोकुलपुर गांव के दर्जनों आदिवासी परिवार बेघर होने के कगार पर है. उनकी पुश्तैनी जमीन व घर पर भू माफियाओं की बुरी नजर है.
