जीआरपी थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर नसीम अहमद के नेतृत्व में पुलिस टीम ने लैलख स्थित आरोपियों के पैतृक आवासों पर पहुंचकर इश्तेहार तामिला की कार्रवाई पूरी की. पुलिस ने सख्त चेतावनी दी है कि यदि फरार आरोपियों ने एक सप्ताह के भीतर अदालत (कोर्ट) में आत्मसमर्पण (सरेंडर) नहीं किया, तो उनके खिलाफ अगली कड़ी कार्रवाई के तहत कुर्की-जब्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.
साल 2025 में छापेमारी के दौरान हुआ था हमला
उल्लेखनीय है कि यह पूरा मामला साल 2025 का है, जब लैलख स्टेशन पर एक आपराधिक मामले में छापेमारी करने गई जीआरपी की टीम पर असामाजिक तत्वों और अपराधियों ने संगठित होकर अचानक हमला कर दिया था. इस हमले में पुलिसकर्मियों को चोटें आई थीं और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई गई थी. मामले की गंभीरता को देखते हुए जीआरपी थाने में 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिनमें से कई आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं.
इन चार फरार आरोपियों के घरों पर लगा इश्तेहार
जीआरपी थानाध्यक्ष नसीम अहमद ने बताया कि कोर्ट के निर्देशानुसार फरार चल रहे चार मुख्य नामजद आरोपियों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है. जिन आरोपियों के घरों पर इश्तेहार चिपकाया गया है, उनमें शामिल हैं:
- सौरभ मंडल
- ज्ञानी मंडल
- अखिलेश मंडल
- संतोष मंडल
थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि कानूनन इन सभी को सात दिनों की मोहलत दी गई है. तय समय सीमा के भीतर न्यायालय के समक्ष उपस्थित न होने पर इनके घरों की चौखट और संपत्ति कुर्क कर ली जाएगी.
लैलख-ममलखा गांव में 'बैग-कटर' गिरोह के ठिकानों पर दबिश
इसी सिलसिले में रेल यात्रियों की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए जीआरपी ने एक और समानांतर बड़ी कार्रवाई की है. ट्रेनों में यात्रियों के बैग और कीमती सामान को ब्लेड या कटर से काटकर उड़ाने वाले अंतरप्रांतीय 'बैग-कटर गिरोह' के आठ सक्रिय अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लैलख और ममलखा गांव में सघन छापेमारी अभियान चलाया गया.
वारंट के आधार पर 8 अपराधियों की तलाश में पुलिसिया घेराबंदी
जीआरपी इंस्पेक्टर नसीम अहमद ने जानकारी दी कि न्यायालय से निर्गत वारंट के आधार पर पुलिस बल ने दोनों गांवों में चिन्हित ठिकानों की घेराबंदी की. इस छापेमारी में जिन आठ कुख्यात बैग-कटिंग अपराधियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं, उनके नाम इस प्रकार हैं:
- निक्कू मंडल और कारो मंडल
- प्रकाश निषाद और मुकेश मंडल
- सुभाष मंडल और बीसी मंडल
- चंपक मंडल और सरयू मंडल
हालांकि, पुलिस की भनक लगते ही ये सभी आरोपी फिलहाल अपने ठिकानों से फरार होने में सफल रहे. रेल पुलिस ने इनके संभावित छिपने के स्थानों पर अपने खुफिया तंत्र और इनपुट को सक्रिय कर दिया है. जीआरपी का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले इन गिरोहों के सफाए तक छापेमारी का यह अभियान लगातार जारी रहेगा.
