लेबर कोड्स कानून मजदूर विरोधी, इसे सरकार अविलंब वापस लें. लेबर कोड कानून को लागू किये जाने और मजदूर अधिकारों पर बढ़ते हमले के खिलाफ 12 फरवरी को देशव्यापी आम हड़ताल की तैयारी है. इसे लेकर जन संपर्क अभियान शुरू हो गया है. उक्त बातें बुधवार को स्थानीय कचहरी परिसर में मजदूर संगठनों एक्टू, एटक, सीटू, एआइयूटीयूसी, सेवा व इंटक की संयुक्त बैठक में मजदूर नेताओं ने कही. बैठक में एक्टू के राज्य सह जिला सचिव मुकेश मुक्त, एटक के जिला महासचिव डॉ सुधीर शर्मा, सीटू के जिला सचिव दशरथ प्रसाद, एआइयूटीयूसी के जिला संयोजक दीपक कुमार व इंटक के जिला अध्यक्ष रवि कुमार सहित अमर कुमार, मनोहर मंडल व सचिन कुमार आदि शामिल हुए. बैठक में निर्णय लिया कि हड़ताल को लेकर चार फरवरी को मजदूर संगठन संयुक्त कार्यकर्ता कन्वेंशन करेंगे. छह फरवरी को प्रेस वार्ता कर हड़ताल के मुद्दों की जानकारी दी जायेगी एवं 10 फरवरी को माइक प्रचार किया जायेगा. प्रमुख चौक-चौराहों पर नुक्कड़ सभा की जायेगी. तिलकामांझी की जयंती पर 11 फरवरी को उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए तिलकामांझी चौक पर सभा की जायेगी. असंगठित-संगठित क्षेत्र के मजदूरों व आम नागरिकों से हड़ताल को व्यापक समर्थन देकर इसे सफल बनाने का आह्वान किया. बैठक में मजदूर नेताओं ने कहा कि मजदूरों के शोषण को बढ़ाने एवं उसके अधिकारों में और अधिक कटौती करने के लिए लेबर कोड्स कानून लागू किया गया है. मोदी सरकार के पिछले 11 वर्षों के विनाशकारी शासन में मजदूर वर्ग पर हमले बढ़े हैं. यह कानून कॉरपोरेट और मालिक वर्ग की सेवा के लिए बनाया गया है. यह मेहनतकशों के खिलाफ मोदी सरकार का खुला युद्ध है. मजदूर वर्ग इसका मुकाबला करेंगे. इसके झूठे प्रचार का पर्दाफाश करते हुए 12 फरवरी की देशव्यापी आम हड़ताल को सफल बनाएंगे.
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लेबर कोड्स कानून मजदूर विरोधी, इसे सरकार अविलंब वापस लें. लेबर कोड कानून को लागू किये जाने और मजदूर अधिकारों पर बढ़ते हमले के खिलाफ 12 फरवरी को देशव्यापी आम हड़ताल की तैयारी है
