bhagalpur news. दो दिवसीय केिसान मेला का हुआ सामापन, कड़ाके की ठंड में भी मेला में दिखी किसानों की भीड़

कृषि विभाग प्रांगण में आत्मा द्वारा आयोजित दो दिवसीय किसान मेला सह प्रदर्शनी का समापन रविवार को हुआ

कृषि विभाग प्रांगण में आत्मा द्वारा आयोजित दो दिवसीय किसान मेला सह प्रदर्शनी का समापन रविवार को हुआ. सबसे बड़ी बात यह रही कि इस कड़ाके की ठंड में भी किसानों की भागीदारी देखने को मिली. महिला किसानों की भागीदारी रही. कार्यक्रम में शिक्षाविद राजीव कांत मिश्रा के साथ कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक, ई पंकज कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी प्रेम शंकर प्रसाद, डीडीएम नाबार्ड अर्चना प्रिया व उप परियोजना निदेशक प्रभात कुमार सिंह उपस्थित थे. मंच संचालन उप परियोजना निदेशक प्रभात कुमार सिंह ने किया. किसान मेला में प्रत्येक प्रखंड से 20-20 महिला किसानों को परिभ्रमण कराया व 10-10 किसानों को प्राकृतिक खेती विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर कृषि वैज्ञानिक के द्वारा तकनीकी जानकारी प्रदान की गयी. मेले में लगाये गये विभिन्न स्टॉल के माध्यम से कृषि तकनीकों, नवाचारों एवं योजनाओं की जानकारी किसानों को दी गयी. कार्यक्रम के राजीव कान्त मिश्रा द्वारा कृषि उत्पादन, कृषि उत्पादों को बाजार से जोड़ने की तकनीक तथा किसानों की आय वृद्धि से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया. साथ ही कृषि विभाग में उत्कृष्ट कार्य के लिए कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार व अन्य कर्मियों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया. वहीं शनिवार को मेले के पहले दिन कहा गया कि भागलपुरी कतरनी चावल का उपयोग अब शहर के प्रमुख मंदिरों में भोग लगाने और प्रसाद बनाने में होगा. कृषि विभाग के अधिकारी किसानों और एफपीओ के साथ समन्वय स्थापित कर पहल की जायेगी. अब तक मंदिर में बाबा को भोग लगाने के लिए मंदिर समिति के सदस्य बाजार से चावल खरीदकर लाते थे. विभाग के इस पहल के बाद एफपीओ के माध्यम से मंदिर में चावल आसानी से पहुंचेगा. शनिवार को जिला कृषि भवन परिसर में आयोजित किसान मेला सह प्रदर्शनी में डीएम डॉ नवल किशोर चौधरी ने कैमूर के गोविंद भोग चावल से राम मंदिर के प्रसाद तैयार करने का उदाहरण देते हुए कृषि अधिकारियों को भागलपुरी कतरनी चावल को मंदिर तक पहुंचाने को लेकर अपनी बात कही. किसानों को उत्पादन की गुणवत्ता की दी जानकारी कृषि वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञ के द्वारा किसानों को उत्पादन की गुणवत्ता, मूल्य संवर्धन एवं विपणन से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान की. इस अवसर पर प्रदर्शनी में विभिन्न प्रखंडों से आये हुए कृषि उद्यमी कृषि उत्पाद कंपनी खाद सुरक्षा समूह जीविका संगठन बुनकर एवं प्रगतिशील किसानों ने स्टॉल लगाकर एवं कृषि प्रदर्श मशरूम, शहद, अचार, पापड़, बरी, फल एवं सब्जी तथा अन्य उत्पाद के माध्यम से अपने उत्पाद को प्रदर्शित किया. मेला में भाग लेने वाले किसानों को उनके उत्कृष्ट कृषि उत्पाद के लिए एवं स्टॉल लगाने वाले कृषि एवं संबंद्ध विभाग, एफपीओ, कृषि उद्यमी व महिला किसानों को प्रशस्ति पत्र व पुरस्कार देकर राजीव कान्त मिश्रा, अर्चना प्रिया के द्वारा सम्मानित किया गया. परियोजना उपनिदेशक प्रभात कुमार सिंह ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों से अवगत कराना व उन्हें सीधे बाजार से जोड़ कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना रहा. कार्यक्रम में उपस्थित डीडीएम नाबार्ड, भागलपुर ने किसानों को बताया कि नाबार्ड के माध्यम से कृषि विकास के लिए विभिन्न प्रकार की वित्तीय एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध करायी जाती है. कार्यक्रम के अंत में प्रभात कुमार सिंह, उप परियोजना निदेशक, आत्मा के द्वारा धन्यवाद ज्ञापन कर मेला का समापन किया गया.

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Author: ATUL KUMAR

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