bhagalpur news. सामाजिक न्याय के योद्धा थे कर्पूरी ठाकुर, अपने कर्तव्य पर अडिग रहकर गरीबों, मजदूरों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ा

टीएनबी कॉलेज के सामने जननायक कर्पूरी ठाकुर अत्यंत पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावास में जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती मनायी गयी

टीएनबी कॉलेज के सामने जननायक कर्पूरी ठाकुर अत्यंत पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावास में जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती मनायी गयी. मौके पर संगोष्ठी आयोजित की गयी. कार्यक्रम का विषय राजनीतिक शुचिता और कर्पूरी ठाकुर था. मौके पर डॉ रवि शंकर चौधरी ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर कभी भी सामाजिक न्याय की लड़ाई से पीछे नहीं हटे और ना ही उसके लिए कोई समझौता किया. सामाजिक न्याय के योद्धा की भांति अपने कर्तव्य पर अडिग रहकर गरीबों, मजदूरों, किसानों, महिलाओं और हासये के लोगों को समाज के मुख्य धारा में लाना ही उनकी राजनीति का मकसद था. छात्रावास के अधीक्षक डॉ उमेश प्रसाद नीरज ने कहा कि आधुनिक भारत में नैतिकता का प्रतिमान स्थापित करने वाले जननायक कर्पूरी ठाकुर ने सर्वप्रथम सामाजिक न्याय के क्षेत्र में बिहार में आरक्षण को लागू किया. टीएनबी कॉलेज के प्राचार्य डॉ दीपू महतो ने कहा कि वे जननायक कर्पूरी ठाकुर के भाषण को सुनने के लिए वह बेगूसराय से कटिहार, दरभंगा आदि जगहों पर चले जाते थे. विवि के पूर्व प्रॉक्टर प्रो रतन मंडल ने कर्पूरी ठाकुर के सामाजिक न्याय के आंदोलन को आगे बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया. विवि वर्धा महाराष्ट्र के सेवानिवृत्ति प्रो मनोज कुमार ने वर्तमान राजनीतिक की तुलना करते हुए आज के राजनेताओं को कर्पूरी ठाकुर से सीख लेने की प्रेरणा दी. कहा कि कर्पूरी ठाकुर राजनीति में शुचिता के प्रतीक थे. इस अवसर पर समाज कर्मी प्रकाश चंद्र गुप्ता, उमा घोष, डॉ अरविंद, डॉ मनोज कुमार, डॉ राजीव रंजन, डॉ बीरेंद्र कुमार, शोध छात्र अभिषेक, कर्ण कुमार राणा, सुजीत आदि मौजूद थे.

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Author: ATUL KUMAR

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