कहलगांव में हवन-पूजन व पूर्णाहुति के साथ सम्पन्न हुई नौ दिवसीय श्रीराम कथा, विश्व कल्याण के लिए हुई प्रार्थना
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Sri Ram Katha Mahayagya Conclusion : भगवती सुंगल माता मंदिर परिसर में नौ दिनों तक गूंजती रही रामकथा और वैदिक मंत्रोच्चार की ध्वनि मंगलवार को पूर्णाहुति के साथ संपन्न हो गई. हवन-पूजन और रुद्राभिषेक के बीच श्रद्धालुओं ने विश्व शांति, सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की.
कहलगांव, भागलपुर से रिपोर्ट
Bhagalpur News : कहलगांव के ओरियप स्थित भगवती सुंगल माता मंदिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय 108 नवाह पारायण श्रीराम कथा ज्ञान महायज्ञ एवं रुद्राभिषेक महोत्सव मंगलवार को वैदिक रीति-रिवाजों के साथ सम्पन्न हो गया. समापन अवसर पर मुख्य यजमान प्रमोद मंडल एवं उनकी धर्मपत्नी सुमित्रा देवी ने आचार्यों के सान्निध्य में पूर्णाहुति देकर विश्व कल्याण की मंगलकामना की. धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पूजा-अर्चना की और आध्यात्मिक वातावरण का आनंद लिया.
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुई पूर्णाहुति
महोत्सव के अंतिम दिन मंदिर परिसर में विशेष हवन-पूजन का आयोजन किया गया. वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच मुख्य यजमान प्रमोद मंडल एवं सुमित्रा देवी ने पूर्णाहुति दी. इस दौरान उपस्थित श्रद्धालुओं ने भी यज्ञ में आहुति अर्पित कर परिवार और समाज की सुख-समृद्धि की कामना की. पूरे परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा और श्रद्धालु भगवान श्रीराम के जयकारों से वातावरण को गुंजायमान करते रहे.
हवन से होता है वातावरण का शुद्धिकरण
अनुष्ठान का संचालन कर रहे पुरोहित डॉ. शंकर झा ने बताया कि वैदिक परंपरा में हवन और यज्ञ का विशेष महत्व है. उन्होंने कहा कि हवन से वातावरण शुद्ध होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. धार्मिक अनुष्ठान न केवल आध्यात्मिक उन्नति का माध्यम हैं, बल्कि समाज में सद्भाव और नैतिक मूल्यों को भी मजबूत करते हैं. उन्होंने श्रद्धालुओं से धर्म और संस्कृति से जुड़े रहने का आह्वान किया.
नौ दिनों तक बहती रही भक्ति की धारा
नौ दिवसीय श्रीराम कथा ज्ञान महायज्ञ के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, धर्म, सत्य और मर्यादा से जुड़े प्रसंगों का श्रवण किया. कथा के माध्यम से लोगों को धार्मिक और सामाजिक संदेश दिए गए. प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा स्थल पर पहुंचकर पुण्य लाभ अर्जित करते रहे. आयोजन ने क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना और धार्मिक उत्साह का वातावरण बनाया.
आयोजन की सफलता में कई लोगों का रहा योगदान
आयोजन समिति के संयोजक एवं पूर्व मुखिया त्रिभुवन शेखर झा, सरपंच गीता प्रसाद मंडल, डॉ. निरंजन मंडल, जयहिंद मंडल, रामविलास स्वर्णकार, संतोष कुमार चौरसिया तथा युवा टोली के सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. सभी ने श्रद्धालुओं की सुविधा और कार्यक्रम के सुचारु संचालन में सक्रिय योगदान दिया.
धार्मिक आयोजन से बढ़ती है सामाजिक एकता
पूर्व मुखिया त्रिभुवन शेखर झा ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में एकता, भाईचारा और धार्मिक आस्था को मजबूत करते हैं. उन्होंने कहा कि श्रीराम कथा जैसे आयोजन लोगों को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करते हैं. कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं ने आयोजन समिति के प्रति आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी ऐसे धार्मिक आयोजनों के निरंतर आयोजन की अपेक्षा जताई.