BPSC Success Story: ओरियप गांव के निवासी और रेलवे के रिटायर्ड कर्मचारी बेचन दास एवं पूर्व शिक्षिका के घर से एक साथ तीन-तीन अधिकारियों के निकलने से पूरा इलाका गौरवान्वित है. बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा जारी 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के परिणाम में इन तीनों भाई-बहनों ने अपनी मेधा का लोहा मनवाया है. पटना में रहकर एक साथ तैयारी करने वाले इन भाई-बहनों ने अलग-अलग विभागों में ऊंचे पद हासिल किए हैं:
- नवीन कुमार: आपूर्ति निरीक्षक (Supply Inspector)
- प्रियंका कुमारी: सहायक आयुक्त (Assistant Commissioner)
- मिथिलेश कुमार: प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी (BPRO)
गांव में जश्न: ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा से हुआ स्वागत
परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद बुधवार को जब तीनों नवनियुक्त अधिकारी अपने माता-पिता के साथ पहली बार पैतृक गांव ओरियप पहुंचे, तो पूरा गांव उनके स्वागत में उमड़ पड़ा. ग्रामीणों और परिजनों ने गांव की सीमा पर ही उन्हें पुष्पमालाओं से लाद दिया. ढोल-नगाड़ों की थाप और गगनभेदी नारों के बीच तीनों को भव्य जुलूस की शक्ल में उनके घर तक लाया गया. ग्रामीणों ने इस दौरान मिठाई बांटकर अपनी खुशी का इजहार किया.
"कड़ी मेहनत और लगन से हर लक्ष्य संभव"
इस ऐतिहासिक मौके पर तीनों नवनियुक्त पदाधिकारियों ने अपनी अद्भुत सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता के त्याग, संस्कारों और गुरुजनों के सही मार्गदर्शन को दिया. उन्होंने गांव के अन्य छात्र-छात्राओं से संवाद करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी यदि कड़ी मेहनत, सही दिशा और अटूट लगन के साथ पढ़ाई की जाए, तो दुनिया का कोई भी लक्ष्य हासिल करना असंभव नहीं है.
पिता ने कहा- शिक्षा और संस्कार ही प्रगति की नींव
अपने तीनों बच्चों की इस अद्वितीय उपलब्धि पर भावुक और गौरवान्वित पिता बेचन दास ने समाज के लिए एक बड़ा संदेश दिया. उन्होंने कहा, "जो अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य और उनकी पढ़ाई को समय देंगे, उनके बच्चे निश्चित रूप से सफलता के शिखर पर पहुंचेंगे. शिक्षा और संस्कार ही किसी भी परिवार और समाज की प्रगति की असली आधारशिला हैं."
BPSC Success Story: क्षेत्र के युवाओं के लिए बने रोल मॉडल
एक ही आंगन से प्रशासन, खाद्य आपूर्ति और पंचायती राज जैसे महत्वपूर्ण विभागों में तीन अधिकारियों का चुना जाना पूरे कहलगांव अनुमंडल के लिए मिसाल बन गया है. स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों का मानना है कि इन तीनों भाई-बहनों की सफलता की यह कहानी ओरियप और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों युवाओं को सिविल सेवा में जाने और देश-राज्य की सेवा करने के लिए प्रेरित करेगी.
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