पिछले एक माह के अंदर दूसरी बार बुधवार को उप विकास आयुक्त (डीडीसी), भागलपुर प्रदीप कुमार सिंह ने सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान भी अस्पताल की कार्यप्रणाली में कुछ अनियमितताएं पायी गयी. विशेष रूप से दवा वितरण व्यवस्था, लंबी कतारें, मरीजों के पंजीकरण में देरी देखी गयी. ऐसे में प्रशासनिक कमियों को चिह्नित किया गया. इन अनियमितताओं के लिए संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों से स्पष्टीकरण पूछते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिये.
इससे पहले डीडीसी ने अस्पताल की समग्र कार्यप्रणाली का जायजा लिया तथा विभिन्न वार्डों, ओपीडी, दवा वितरण काउंटर एवं पंजीकरण काउंटर का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं, स्वच्छता व्यवस्था एवं मरीजों को दी जा रही सेवाओं की स्थिति का अवलोकन किया. डीडीसी ने निर्देश दिया कि मरीजों को समय पर एवं सुचारु रूप से दवाएं उपलब्ध करायी जाये. अनावश्यक रूप से लंबी कतारों की समस्या का शीघ्र समाधान किया जाये. कहा कि सदर अस्पताल जिले का प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है और यहां आने वाले प्रत्येक मरीज को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं मिलना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है. निरीक्षण के क्रम में डीडीसी ने अस्पताल के अधिकारियों, चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं वहां उपचाररत मरीजों से प्रत्यक्ष संवाद किया. मरीजों द्वारा बतायी गयी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए डीडीसी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिये. निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन डॉ अशोक प्रसाद सहित स्वास्थ्य विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी, अस्पताल प्रबंधन से जुड़े पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित कर्मी उपस्थित थे. डीडीसी ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने एवं अस्पताल की व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार लाने के निर्देश दिये, ताकि आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करायी जा सके.
