भागलपुर. लैलक स्टेशन के आरपीएफ जवान की हत्या का रहस्य बरकरार, सीडीआर के आधार पर जांच तेज

सबौर थाना क्षेत्र के लैलक रेलवे स्टेशन से आरपीएफ जवान धर्मेंद्र कुमार (43) के चौथे दिन और शव मिलने के तीसरे दिन भी पुलिस खाली हाथ है. हालांकि स्थानीय पुलिस ने ममलखा और शंकरपुर गांव के कई लोगों से पूछताछ की है.

भागलपुर से ऋषव मिश्रा कृष्णा की रिपोर्ट

भागलपुर. सबौर थाना क्षेत्र के लैलक रेलवे स्टेशन से आरपीएफ जवान धर्मेंद्र कुमार (43) के चौथे दिन और शव मिलने के तीसरे दिन भी पुलिस खाली हाथ है. हालांकि स्थानीय पुलिस ने ममलखा और शंकरपुर गांव के कई लोगों से पूछताछ की है. मोबाइल कॉल लेकेशन और सीडीआर के आधार पर संदिग्धों की सूची तैयार कर सबौर पुलिस पूछताछ कर रही है. पुलिस का दावा है कि हर बिंदु को ध्यान में रख कर छानबीन की जा रही है, दोषियों को किसी भी हालत में छोड़ा नहीं जाएगा. इधर हत्याकांड की प्राथमिकी आरपीएफ निरीक्षक विपिन कुमार के आवेदन के आधार पर दर्ज की गयी है. आरपीएफ निरीक्षक ने सबौर पुलिस को बताया है कि 26 मई की रात 1.05 मिनट पर धर्मेंद्र कुमार ने अंतिम बार व्हाटशप ग्रुप के माध्यम से अपनी खैरियत रिर्पोट दी थी. 27 मई को जब धर्मेंद्र की खैरियत रिर्पोट नहीं आयी तो उन्होंने छानबीन शुरू की, लेकिन कुछ पता नहीं चला. 27 मई को ही लैलक स्टेशन से तीन किलोमीटर की दूरी पर शंकरपुर पुल के पास एक अज्ञात शव बरामद हुआ, शव की शिनाख्त आरपीएफ जवान धर्मेंद्र के रूप में की गयी.

स्टेशन के पास वाले गांव में मिला है मोबाइल का अंतिम लोकेशन

बात सामने आयी है कि 26 मई की रात्रि 1.30 बजे के बाद आरपीएफ जवान के मोबाइल का अंतिम लोकेशन रेलवे लाइन और सड़क के बीच वाली बस्ती का बताया जा रहा है. आशंका है कि उसी बस्ती में हत्यारों ने वारदात को अंजाम दिया है. स्थानीय लोगों ने बताया कि स्टेशन से सटा गांव ममलखा और शंकरपुर है. यह बात भी सामने आयी है कि आरपीएफ जवान ने 25 मई की शाम सात बजे और रात्रि दस बजे अपने परिवार से बातचीत की थी. इसके बाद 12 बजे आरपीएप जवान ने एक ही नंबर से तीन कॉल किया है और इसी नंबर पर एक आउट गोइंग कॉल भी आरपीएप जवान ने किया है. फिर आरपीएफ जवान के मोबाइल पर अंतिम बार 1.27 बजे भी कॉल आया था, इसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया था.

शराब माफियाओं द्वारा हत्या किये जाने की आशंका

जानकारी सामने आयी है कि इन दिनों आरपीएफ शराब शराब बंदी अभियान को गति दी गयी थी. इस कारण रेलवे के माध्यम से शराब तस्करी करने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही थी. आशंका है कि शराब माफियाओं ने ही भ्रमक सूचना दे कर आरपीएफ जवान को बुलाया और उसकी हत्या कर कतरिया नदी में फेंक दिया. सूत्र बताते हैं कि पुलिस एक शराब माफिया सरगना से भी हत्याकांड के संदर्भ में पूछ ताछ कर रही है. उक्त सरगना लैलक स्टेशन के पास वाले गांव के ही एक जनप्रतिनिधि का पुत्र बताया जा रहा है.

हत्याकांड के बाद उठ रहे हैं कई तरह के सवाल, हनी ट्रैप की भी है आशंका

आरपीएफ जवान हत्याकांड मामले में परिजन कई तरह के सवाल उठा रहे हैं. नग्न अवस्था में शव मिलना कई तरह के संदेह भी उत्पन्न कर रहा है. मालूम हो कि आपीएफ जावन हर वक्त अपने पास एक बैग रखते थे. आरपीएफ जवान का बैग, उसकी वर्दी, मोबाइल कहां है, यह भी एक बड़ा सवाल पैदा कर रहा है. स्थानीय लोगों द्वारा यह भी आशंका व्यक्त की जा रही है कि जवान को अपराधियों ने हनी ट्रैप किया होगा और जवान ने अपराधियों के ट्रैप में फंस कर अपनी जान गवां दी.

संवेदनशील है लैलक रेलवे स्टेशन, फिर निहत्थे जवान की तैनाती एक बड़ा सवाल

परिजन यह भी सवाल उठा रहे हैं कि लैलक ममलखा रेलवे स्टेशन का आस पास का क्षेत्र बेहद संवेदनशील है. ऐसी स्थिति में स्टेशन पर एक निहत्थे जवान की तैनाती व्यवस्था पर कई तरह के सवाल खड़े कर रहे हैं. परिजनों ने यह भी बताया कि एक तो निहत्था और उपर से एक ही जवान की प्रतिनियुक्ति, इस तरह की लापरवाही के कारण ही आरपीएफ जवान की जान चली गयी है. परिजनों का कहना है कि धर्मेंद्र के गायब होने के बाद भी विभागीय अधिकारियों ने तत्परता नहीं दिखायी. इधर सबौर के थानाध्यक्ष बिट्टूु कुमार कमल ने बताया कि प्रत्येक बिंदु को ध्यान में रख कर छानबीन की जा रही है. जल्द ही घटना में शामिल सभी अपराधियों को गिरफ्तार किया जाएगा.

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