शिक्षा विभाग ने स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता व अनुशासन बनाये रखने को लेकर अब निरीक्षण सख्ती से करने पर जोर दिया है. विभाग से जारी नये निर्देश के मुताबिक सभी जिलों के शिक्षा पदाधिकारियों व अन्य पदाधिकारियों को हर माह कम से कम 25 स्कूलों का निरीक्षण अनिवार्य रूप से करना होगा. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव ने बीत दिनों वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से कही है. इस बाबत शिक्षा विभाग के निदेशक ने पत्र जारी किया है. पत्र में कहा गया कि समीक्षा बैठक में एसीएस के सामने बात आयी है कि कई जिलों में विद्यालय निरीक्षण सिर्फ कागजों पर ही सीमित है. जमीनी स्तर पर इसका प्रभाव नजर नहीं आ रहा. निरीक्षण के अभाव में स्कूलों की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो पा रहा है. ऐसे में शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि निरीक्षण रिपोर्ट हर माह भेजने होंगे. उसकी समीक्षा हर साप्ताहिक बैठक में की जायेगी. बताया जा रहा है कि जिले की स्थिति और भी गंभीर है. यहां के कई अधिकारियों ने अपनी निरीक्षण रिपोर्ट भी ई-शिक्षा पर अपलोड नहीं किया है. जानकारी के अनुसार बीते दिनों प्रमंडलीय आयुक्त द्वारा भी स्कूल निरीक्षण की रिपोर्ट मांगी गयी थी, जो उपलब्ध नहीं करायी गयी.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.