गोड्डा-पीरपैंती रेललाइन का रास्ता साफ, झारखंड ने रेलवे को दी 150 एकड़ जमीन

Indian Railways: फिलहाल गोड्डा व पीरपैंती रेलमार्ग से जुड़ा नहीं है. परियोजना के पूरा होने से लोगों को रेल की सुविधा मिलेगी. इससे नार्थ इस्ट से आने वाली ट्रेनों का सीधा जुड़ाव इस रेलखंड से हो जायेगा.

Indian Railways: भागलपुर, ललित किशोर मिश्र. गोड्डा-पीरपैंती रेललाइन का रास्ता साफ हो गया है. गोड्डा से पीरपैंती के बीच 62 किलोमीटर लंबी रेल लाइन योजना के लिए झारखंड सरकार ने रेलवे को 150 एकड़ जमीन उपलब्ध करा दी है. गोड्डा भू अर्जन पदाधिकारी ने शनिवार को पूर्व रेलवे के डिप्टी चीफ कंस्ट्रक्शन कुमार हेमंत को जमीन का कागजात सौंप दिया है. बताया जा रहा है कि रेलवे के स्वामित्व में जमीन आने के साथ ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम शुरू हो जायेगा.

1393 करोड़ की है योजना, दो फेज में होना है काम

इस नयी रेल परियोजना पर 1393 करोड़ रुपये खर्च अनुमानित है. इसके लिए लगभग 420 एकड़ जमीन की आवश्यकता है. झारखंड सरकार ने 150 एकड़ जमीन उपलब्ध कर दी है. इस योजना पर दो फेज में काम होना है. पहले फेज में गोड्डा-महागामा व दूसरे फेज के लिए महागामा से पीरपैंती तक काम होना है. फिलहाल गोड्डा व पीरपैंती रेलमार्ग से जुड़ा नहीं है. परियोजना के पूरा होने से लोगों को रेल की सुविधा मिलेगी. इससे नार्थ इस्ट से आने वाली ट्रेनों का सीधा जुड़ाव इस रेलखंड से हो जायेगा.

कोयले की आपूर्ति में होगा फायदा

इस रेलखंड के निर्माण के बाद एनटीपीसी फरक्का को ललमटिया से कोयला लाने में काफी सहूलियत होगी. अभी कहलगांव होकर जाता है. साथ ही मिर्जाचौकी, पाकुड़ व साहेबगंज का स्टोन चिप्स जाने के लिए यह रास्ता सही होगा. वहीं पीरपैंती में घोषित पावर प्लांट के लिए भी यह मार्ग उपयोगी साबित होगा. पूर्व रेलवे के डिप्टी चीफ कंस्ट्रक्शन कुमार हेमंत ने कहा कि कंस्ट्रक्शन विभाग के अधिकारी जमीन हस्तांतरण के काम में कई दिनों से लगे थे. गोड्डा के भू अर्जन पदाधिकारी ने चिट्ठी सौंप दी है. जाहिर है इस परियोजना पर अब काम आगे बढ़ेगा.

Also Read: बिहार सरकार को सर्वे में मिली 17.86 लाख एकड़ बेलगानी जमीन, अधिकतर पर है लोगों का कब्जा

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >