bhagalpur news. भारत केवल दुनिया के नक्शे से जुड़ा देश नहीं, बल्कि एकता व सेवा भावनाओं से जुड़ा राष्ट्र है : दीपक प्रकाश

भारत केवल दुनिया के नक्शे से जुड़ा देश नहीं है, बल्कि एकता व सेवा भावनाओं से जुड़ा राष्ट्र है

भारत केवल दुनिया के नक्शे से जुड़ा देश नहीं है, बल्कि एकता व सेवा भावनाओं से जुड़ा राष्ट्र है. धर्म, भाषा और संस्कृति की विविधता के बाद भी यहां की आत्मा एक है. एकता व सेवा भाव ही राष्ट्रीयता को एक सूत्र में बांधने का काम कर रहा है. एनएसएस के इस कार्यक्रम में सारी चीजें प्रदर्शित हो रही हैं और युवा साथियों के लिए अपने देश को जीने का अवसर प्रदान कर रहा है. उक्त बातें पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने बुधवार को मारवाड़ी महिला महाविद्यालय सभागार में राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय राष्ट्रीय एकता शिविर के शुभारंभ पर कही. इससे पहले मंत्री दीपक प्रकाश के साथ मेयर डॉ बसुंधरालाल, एमएलसी डॉ एनके यादव, तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति डॉ सीपी सिंह, एनएसएस के क्षेत्रीय निदेशक विनय कुमार, मारवाड़ी कॉलेज के प्राचार्य प्रो संजय झा ने संयुक्त रूप से किया. मंत्री ने कहा कि एनएसएस का मूल उद्देश्य देश को जानना, समझना और पूरे राष्ट्र को एकता के सूत्र में बांधना है. बिना किसी पद के नेतृत्व और कार्यक्षमता विकसित करने में एनएसएस स्वयंसेवकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. जब एक राज्य का युवा दूसरे राज्य की संस्कृति, परंपरा और समस्याओं को समझता है और सवाल करता है, तो समाधान का हिस्सा बनते हैं. समाज के वंचित तबकों के बीच जाकर जनभागीदारी को विकसित करने का काम करना सराहनीय पहल है. इस तरह एनएसएस एक भारत व श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को साकार करते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के सपने को तभी साकार किया जा सकेगा, जब वर्तमान युवा पीढ़ी इनोवेशन, साइंस-टेक्नोलॉजी का अधिक से अधिक इस्तेमाल करेंगे और देश की आर्थिक व सामाजिक विकास को आगे बढ़ाने में हिस्सा लेंगे. इसके लिए नेटवर्क बनाने का अनुरोध किया. एमएलसी डॉ एनके यादव ने कहा कि राष्ट्रीय एकता आज के लिए अधिक प्रासंगिक विषय है. देश बहुत विशाल है, लेकिन यहां की भाषा व संस्कृति अलग-अलग है. राष्ट्रीयता व भाईचारा का भाव ही राष्ट्रीय एकता को मजबूती प्रदान कर रहा है. सोशल मीडिया पर देश को जोड़ने वाली बात करें, न कि देश को तोड़ने वाली बात. समाज को जोड़ने की बात करे, न कि विभेद पैदा करने की. बिहार स्कूल ऑफ योग, मुंगेर के स्वामी शिव ध्यानम सरस्वती ने सेवा और एकता को सामाजिक जीवन के दो महत्वपूर्ण स्तंभ बताया और कहा कि समाज में जो अभाव हैं, उन्हें दूर करने में स्वयंसेवकों और आम लोगों की संयुक्त भूमिका आवश्यक है. सेवा का महत्व तब और बढ़ जाता है, जब हम दूसरों की जरूरत को अपनी जिम्मेदारी समझें. मेयर ने कहा कि आपदा के समय एनएसएस द्वारा किया गया कार्य सराहनीय है. एनएसएस के क्षेत्रीय निदेशक विनय कुमार ने बताया कि कभी एनएसएस में मात्र 40 हजार स्वयंसेवक थे, जबकि आज देशभर में इनकी संख्या 40 लाख से अधिक हो चुकी है. देश के 694 विश्वविद्यालयों में एनएसएस सक्रिय रूप से कार्य कर रही है. कहा कि समाज सेवा के माध्यम से देश को विकसित करना ही एनएसएस का मूल उद्देश्य है और आपातकालीन परिस्थितियों में स्वयंसेवकों का योगदान हमेशा महत्वपूर्ण रहा है. स्वागत भाषण में प्राचार्य डॉ संजय कुमार झा ने कहा कि भारत विश्वगुरु बनने की ओर अग्रसर है. कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी कुलपति डॉ सीपी सिंह ने की और कहा कि समाज में एनएसएस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. 15 प्रदेशों के एनएसएस के स्वयंसेवकों ने लिया हिस्सा राष्ट्रीय एकता शिविर में असम, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तमिलनाडु, हरियाणा, आंध्रप्रदेश, उत्तरप्रदेश, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, बिहार झारखंड आदि 15 देश के स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया. उनके दलनायकों को मुख्य अतिथि ने सम्मानित किया और सभी प्रांतों के प्रतिनिधियों को अपनी-अपनी भाषा में अभिवादन करने को कहा, जिसमें भारतीयता के भाव को एक शब्द जय हिंद के रूप में प्रदर्शित करने को प्रेरित किया. मंच का संचालन डॉ श्वेता सिंह कोमल एवं डॉ संजय जायसवाल किया. सांस्कृतिक परिषद की अध्यक्ष डॉ स्वस्तिका दास के संचालन में छात्राओं ने स्वागत गान प्रस्तुत किया. कार्यक्रम समन्वयक डॉ राहुल कुमार ने सभी अतिथियों का स्वागत किया. मौके पर डेवलपमेंट ऑफिसर अनिल सिंह, प्रो रविशंकर चौधरी, डॉ प्रज्ञा, सीनियर सदस्य अजय कुशवाहा, डीएसडब्ल्यू डॉ अर्चना साह आदि उपस्थित थे.

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By ATUL KUMAR

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