bhagalpur news. पैसों के अभाव में बेटे का नामांकन नहीं कराने का जीवन भर रहेगा अफसोस

टीएमबीयू में पेंशनर का दर्द एक के बाद एक सामने आ रहा है. सेवांत लाभ से जुड़े विभिन्न मद का भुगतान नहीं होने से सेवानिवृत्त शिक्षकों की परेशानी बढ़ गयी है.

भागलपुर

टीएमबीयू में पेंशनर का दर्द एक के बाद एक सामने आ रहा है. सेवांत लाभ से जुड़े विभिन्न मद का भुगतान नहीं होने से सेवानिवृत्त शिक्षकों की परेशानी बढ़ गयी है. इसी कड़ी में पीजी प्राचीन इतिहास विभाग से सेवानिवृत्त शिक्षक प्रो बिहारी लाला चौधरी ने कहा कि सेवानिवृत्त होने से करीब तीन साल होने जा रहा है. विवि से सातवां वेतनमान के आधार पर अब तक वेतनांतर की राशि का भुगतान नहीं किया गया है. साथ ही अग्रिम समायोजन की राशि का भी. जबकि सारे दस्तावेज अगस्त 2022 में ही जमा कर दिया था. बावजूद अभी भी भुगतान नहीं हुआ है. बताया कि मामले को लेकर विवि गये और पदाधिकारियों को आवेदन भी दिया, लेकिन पदाधिकारी व संबंधित शाखा के कर्मचारियों ने पहल नहीं की. अब स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता है. मामले को लेकर विवि भी नहीं जा पाते हैं.

सेवानिवृत्त के एक साल बाद पेंशन हुआ जारी

सेवानिवृत्त शिक्षक प्रो बिहारी लाल चौधरी ने बताया कि 31 जुलाई 2022 को रिटायर्ड होने पर पेंशन तत्काल शुरू नहीं किया गया. एक साल बाद काफी जद्दोजहद के बाद विवि से अगस्त 2023 में पेंशन शुरू हुआ. साथ ही उपादान और लीव इनकैशमेंट का भुगतान भी किया गया, लेकिन इस साल भर की अवधि में मैं अपने स्वस्थ को बहुत हद तक खो चुका था. बताया कि पेंशन की प्रक्रिया जल्दी पूरी नहीं हो, इसे लेकर साजिश के तहत मुझे प्राचीन इतिहास विभाग से एनओसी नहीं दिया गया है. इस कारण पेंशन और सेवांतलाभ का कार्य बाधित रहा. बताया कि एनओसी के लिए अक्टूबर 2022 तक प्रत्येक महीने मैं विभागाध्यक्ष को आवेदन देता रहा. तब मुझे एक पत्र दिया गया, इसमें विभागीय लाइब्रेरी की 275 से भी अधिक किताबों और विभागीय संग्रहालय की कुछ चीजों की सूची संलग्न थी. कहा गया था कि चीजें नहीं मिल रही हैं, इसलिए नो ड्यूज नहीं दिया जा रहा है. इसके जवाब में विभाग में आवेदन दिया. कहा था कि सारी चीजें यथावत सुरक्षित हैं. जिन्हें आपको प्रभार हस्तांतरण के समय मैं सौंप कर आया था. बावजूद भी मुझे नो ड्यूज नहीं दिया गया. ऐसे में स्वास्थ्य और खराब हो गया. मानिसक रूप से परेशान रहने लगा.

जीवन भर रहेगा अफसोस

बताया कि विवि से समय से सेवांतलाभ के विभिन्न मद की राशि मिल जाती, तो अपने पुत्र की आइआइएम सीलाॅग में नामांकन कराना था. इसे लेकर विवि से भुगतान के लिए गुहार भी लगायी, लेकिन विवि में मेरी बात को नहीं सुनी गयी. इस बात का जीवन भर अफसोस रहेगा कि मैं अपने पुत्र का नामांकन नहीं करा सका. इस बात का सदमा मेरी पत्नी को भी लगा. उनकी तबीयत भी खराब रहने लगी. पत्नी का भी इलाज कराने के लिए उस समय पास में पैसे नहीं थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Atul kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >