बाबा बैद्यनाथ सरकारी पूजा के समय रोज आते हैं अजगैवीनाथ मंदिर, महंत को देवघर आने की है मनाही

भागलपुर के सुल्तानगंज को अजगैवीनगरी कहते हैं. बाबा अजगैवीनाथ मंदिर में सरकारी पूजा के दौरान खुद देवघर के बाबा बैद्यनाथ उपस्थित रहते हैं. महंत बता रहे हैं यहां की महिमा...

Shravani Mela 2024: श्रावणी मेला को लेकर बिहार के भागलपुर जिला अंतर्गत अजगैवीनगरी सुल्तानगंज का महत्व काफी बढ़ जाता है. ऐसी मान्यता है कि सुलतानगंज के उत्तरवाहिनी गंगाजल के एक बूंद से बाबा बैद्यनाथ प्रसन्न हो जाते हैं. ऐसी मान्यता है कि बाबा अजगैवीनाथ मंदिर में हर रोज बाबा बैद्यनाथ आते हैं. यहां ब्रह्म मुहूर्त में सरकारी पूजा के समय भोलेनाथ मौजूद रहते हैं. यही कारण है कि बाबा वैद्यनाथ मंदिर में सरकारी पूजन का समय तथा बाबा अजगैवीनाथ मंदिर में सरकारी पूजा के समय में एक घंटा का अंतर रखा जाता है.

अजगैवीनाथ के महंत को देवघर आने की मनाही

प्रभात खबर से विशेष बातचीत में अजगैवीनाथ मंदिर के स्थानापति महंत प्रेमानंद गिरि ने बताया कि योगीराज महंत श्री 1008 हरनाथ भारती को बाबा बैद्यनाथ ने दर्शन देकर आने की मनाही करते हुए अजगैवीनाथ की पूजा करने की बात कही थी. तब से जो भी बाबा अजगैवीनाथ मंदिर के महंत बनते हैं, वो बाबा बैद्यनाथ मंदिर जाना छोड़ देते हैं. महंत बनने के बाद वो अपने किसी प्रतिनिधि को ही बाबा बैद्यनाथ मंदिर भेजते हैं.

ALSO READ: नशे के ओवरडोज से कांवड़िया का मानसिक संतुलन बिगड़ा, सुल्तानगंज-देवघर के रास्ते में गंगाजल भी भूल आया

देश-विदेश के कांवरिया आ रहे सुल्तानगंज

महंत ने बताया कि अभी सावन में सुलतानगंज में देश-विदेश के कांवरिया आ रहे हैं. सुलतानगंज की खासियत सावन में देखने को मिलती है. हरेक व्यक्ति बाबा की आराधना से जुड़े काम में लग जाते हैं. सुलतानगंज से देवघर तक व्यापार-व्यवसाय के साथ भक्ति के रंग भी अलग-अलग रंगों में देखने को मिलते हैं.

भगवान राम ने भी की थी उत्तरवाहिनी गंगा के जल से बाबा बैद्यनाथ की पूजा

कई कांवरिया ने बताया कि गंगा स्नान के बाद सालों भर ताजगी बनी रहती है. मां गंगा धरती पर साक्षात देवी है. किंवदंती है कि भगवान श्रीराम ने भी पवित्र उत्तरवाहिनी गंगाजल से बाबा बैद्यनाथ की पूजा-अर्चना किया था. सावन में बाबा बैद्यनाथ की पूजा-अर्चना से हर मनोकामना की सिद्धि होती है. श्रावणी मेला को लेकर अजगैवीनाथ मंदिर में कांवरियों को कोई असुविधा नहीं हो इसका विशेष ख्याल रखा जा रहा है. कांवरियों का अनवरत सिलसिला बाबा धाम जाने के लिए देखा जा रहा है.

दर्शन के बाद ही बाबा वैद्यनाथ का पूजन है फलदायी

प्रभात खबर से विशेष बातचीत में अजगैवीनाथ मंदिर के स्थानापति महंत प्रेमानंद गिरि ने बताया कि परंपरा के अनुसार कांवरियों को गंगा स्नान के बाद अवश्य ही बाबा अजगैवीनाथ का पूजन कर ही बाबा वैद्यनाथ की यात्रा पर निकलना चाहिए. जिससे कांवरियों के मनोवांछित इच्छा की पूर्ति सुगमता से हो जाती है. कांवरियों से अपील किया कि बाबा अजगैवीनाथ के दर्शन के बाद ही बाबा वैद्यनाथ के पूजन फलदायी होता है. जल्द मनोकामना पूर्ति हो जाती है. स्थानापति महंत प्रेमानंद गिरि ने बताया कि ब्रह्मीभूत योगीराज महंत श्री 1008 हरनाथ भारती को बाबा वैद्यनाथ ने दर्शन देकर आने की मनाही करते हुए अजगैवीनाथ की पूजा करने का बात कहा था. ऐसी मान्यता है कि बाबा अजगैवीनाथ के पूजन के बाद बाबा वैद्यनाथ पर जलार्पण करने से समस्त मनोकामना की पूर्ति जल्द हो जाती है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Shubhankar Jha

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >