साहित्य सफर ने हिंदी दिवस पखवाड़ा समारोह का किया शुभारंभ, हिंदी को बताया सहज अभिव्यक्ति की भाषा

साहित्य सफर संस्था द्वारा हिंदी दिवस पखवाड़ा समारोह का शुभारंभ किया गया. इस दौरान हिंदी को न केवल प्रचार-प्रसार का माध्यम, बल्कि सहज अभिव्यक्ति और जुड़ाव की भाषा बताया गया. समारोह में साहित्यकारों ने हिंदी के महत्व पर अपने विचार रखे.

भागलपुर. साहित्यिक संस्था साहित्य सफर की ओर से मंदरोजा स्थित प्रगति शिक्षण संस्थान में हिंदी दिवस पखवाड़ा समारोह का शुभारंभ हुआ. कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के संस्थापक जगतराम साह कर्णपुरी ने की. रंजन कुमार राय एवं मंचासीन अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का उद्घाटन किया.

हिंदी दिवस पखवाड़ा का उद्देश्य

समारोह में वक्ताओं ने कहा कि हिंदी दिवस पखवाड़ा केवल हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य हिंदी के प्रति लोगों में सम्मान और रुचि बढ़ाना भी है. हिंदी दिवस के अवसर पर विभिन्न संस्थाओं की ओर से पखवाड़े भर साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं, ताकि हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा मिले और नई पीढ़ी को भाषा, साहित्य और उसकी समृद्ध परंपरा से जोड़ा जा सके. हिंदी दिवस 14 सितंबर को मनाया जाता है. इसी दिन वर्ष 1949 में संविधान सभा ने हिंदी को संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था. इस ऐतिहासिक निर्णय की स्मृति में हिंदी के महत्व और व्यापक उपयोग को रेखांकित करने के लिए हिंदी दिवस मनाया जाता है. पखवाड़े के दौरान निबंध, कविता, भाषण, वाद-विवाद, साहित्यिक गोष्ठी और अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से हिंदी के प्रति जागरूकता पैदा की जाती है.

हिंदी सरोकारों और मूल्यों की भाषा : अवधेश शर्मा

मुख्य अतिथि अवधेश शर्मा ने कहा कि हिंदी सरोकारों और मूल्यों की भाषा होने के साथ सहज अभिव्यक्ति का माध्यम है. उन्होंने कहा कि हिंदी हमारी आत्मा की आवाज है और लोगों को जोड़ने का काम करती है. हिंदी के व्यापक प्रयोग से समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद को मजबूत किया जा सकता है.

संपर्क और स्वतंत्रता आंदोलन की भाषा रही हिंदी

अध्यक्षीय संबोधन में जगतराम साह कर्णपुरी ने कहा कि हिंदी संपर्क और स्वतंत्रता आंदोलन की भाषा रही है. उन्होंने कहा कि हिंदी आज विश्व में व्यापक रूप से बोली जाने वाली भाषाओं में प्रमुख स्थान रखती है. उन्होंने हिंदी के संरक्षण, संवर्धन और अधिक से अधिक व्यवहार में लाने पर जोर दिया.

साहित्यकारों ने हिंदी के महत्व पर रखे विचार

समारोह को इंद्रजीत कुमार, आशुतोष सिंह, ओम केजरीवाल, प्रेम कुमार प्रिय एवं मुदित कुमार झा मुदित ने भी संबोधित किया. वक्ताओं ने हिंदी भाषा और साहित्य की भूमिका पर अपने विचार रखे तथा दैनिक जीवन में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग की आवश्यकता बतायी.

प्रेम कुमार प्रिय ने किया संचालन

कार्यक्रम का संचालन प्रेम कुमार प्रिय ने किया. समारोह के माध्यम से हिंदी भाषा के प्रति सम्मान, साहित्यिक चेतना और रचनात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया. हिंदी दिवस पखवाड़े के तहत आगे भी विभिन्न साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे.

Also Read: बिहार पुलिस चालक सिपाही भर्ती में ‘सेटिंग’ का खेल, क्रेटा से मिले अभ्यर्थी के मूल प्रमाणपत्र; 5 गिरफ्तार

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Vidyasagar mandal

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >