bhagalpur news. लोहिया पुल-अलीगंज फोरलेन के लिए आधा दर्जन ठेका एजेंसियों ने भरा टेंडर

लोहिया पुल से अलीगंज के बीच प्रस्तावित फोरलेन सड़क निर्माण की दिशा में एक अहम कदम आगे बढ़ गया है

लोहिया पुल से अलीगंज के बीच प्रस्तावित फोरलेन सड़क निर्माण की दिशा में एक अहम कदम आगे बढ़ गया है. पथ निर्माण विभाग द्वारा जारी टेंडर प्रक्रिया के तहत टेक्निकल बिड खोली गयी है, जिसमें कुल छह ठेका एजेंसियों ने भागीदारी की है. इस परियोजना को लेकर लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था, क्योंकि यह मार्ग शहर के व्यस्ततम हिस्सों में शामिल है और यहां अक्सर जाम की समस्या बनी रहती है. टेंडर में शामिल ठेका एजेंसियों में मुंगेर के निरंजन शर्मा, बाबा कंस्ट्रक्शन, राजवीर कंस्ट्रक्शन, जमुई के बाल कृष्ण भालोटिया, जेवी कंस्ट्रक्शन और सृष्ट कंस्ट्रक्शन के नाम शामिल है. सभी एजेंसियों के टेक्निकल बिड को मूल्यांकन के लिए संबंधित फाइल के माध्यम से टेंडर कमेटी को भेजा जा रहा है. कमेटी द्वारा दस्तावेजों और तकनीकी मानकों की गहन जांच के बाद योग्य एजेंसी का चयन किया जायेगा. जांच के बाद खुलेगा फाइनेंशियल बिड टेक्निकल बिड में सफल ठेका एजेंसियों का ही फाइनेंशियल बिड खोला जायेगा. इसके बाद सबसे कम दर देने वाली एजेंसी को फोरलेन निर्माण का कार्यादेश जारी किया जायेगा. विभाग ने इस परियोजना के लिए 50.17 करोड़ रुपये की प्राक्कलित राशि निर्धारित की है. निर्माण कार्य को एक वर्ष की समय-सीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. ट्रैफिक दबाव में आयेगी कमी फोरलेन सड़क के निर्माण से लोहिया पुल और अलीगंज के बीच आवागमन सुगम होगा. इसके साथ ही ट्रैफिक दबाव में कमी आयेगी और जाम की समस्या से लोगों को काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है. स्थानीय लोगों और वाहन चालकों के लिए यह परियोजना शहर के यातायात ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. बॉक्स हेडक्वार्टर के पूछने के बाद भी टेक्निकल सेंशन लंबित भागलपुर-अगरपुर-कोतवाली फोरलेन प्रोजेक्ट को लेकर प्रशासनिक प्रक्रिया तेज हुई है, लेकिन अब भी यह योजना टेक्निकल सेंशन के अभाव में अटकी है. मुख्यालय द्वारा भागलपुर डिवीजन से इस मार्ग के निर्माण को लेकर आवश्यक मंतव्य मांगा गया था, जिस पर पथ निर्माण विभाग के भागलपुर डिवीजन ने अपनी रिपोर्ट भेज दी है. मुख्यालय ने पूछा था कि क्या भागलपुर-अगरपुर-कोतवाली मार्ग को फोरलेन करना वास्तव में जरूरी है. इसके जवाब में भागलपुर डिवीजन ने बताया है कि यह सड़क अत्यधिक यातायात दबाव वाला मार्ग है और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इसका फोरलेन किया जाना बेहद आवश्यक है. रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस मार्ग के चौड़ीकरण से शहरी यातायात व्यवस्था में सुधार होगा और जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी. इसके बावजूद अब तक इस परियोजना को टेक्निकल सेंशन नहीं मिल सका है. फोरलेन निर्माण के लिए 101.56 करोड़ रुपये की राशि से प्रस्ताव तैयार किया गया है. इस परियोजना का शिलान्यास आचार संहिता लागू होने से पूर्व ही किया जा चुका था, जिससे लोगों में उम्मीद जगी थी कि निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा. हालांकि, इसके बाद निकाले गये टेंडर को भी अंतिम चरण में पहुंचने से पहले रद्द कर दिया गया. बताया जाता है कि टेंडर खोलने की तिथि नजदीक आने से पहले ही प्रशासनिक कारणों से इसे निरस्त कर दिया गया, जिससे परियोजना ठंडे बस्ते में चली गयी. कोट लोहिया पुल-अलीगंज फोरलेन के लिए टेक्निकल बिड खोला गया है. छह एजेंसियों ने टेंडर भरा है. वेल्यूवेशन के बाद फाइनेंसियल बिड खोलकर एजेंसी चयनित की जायेगी. अरविंद कुमार गुप्ता, कार्यपालक अभियंता पथ निर्माण विभाग, भागलपुर

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Author: ATUL KUMAR

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