तिनटंगा करारी जहाज घाट पर उमड़ा आस्था का सैलाब, गंगा स्नान कर श्रद्धालुओं ने लिया गुरु का आशीर्वाद

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर तिनटंगा करारी जहाज घाट पर श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर पूजा-अर्चना की। घाट पर दिनभर भक्तिमय माहौल बना रहा और लोगों ने दान-पुण्य किया।

Guru Purnima 2026 : अषाढ़ पूर्णिमा के अवसर पर बुधवार सुबह से ही तिनटंगा करारी स्थित जहाज घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई. नवगछिया अनुमंडल सहित आसपास के कई गांवों और कस्बों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचे. सभी ने श्रद्धा और आस्था के साथ पवित्र गंगा नदी में स्नान कर धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया.

गंगा स्नान के बाद मंदिरों में हुई विशेष पूजा

पवित्र स्नान के बाद श्रद्धालु आसपास के विभिन्न मंदिरों में पहुंचे और अपने इष्टदेवों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की. भगवान से परिवार की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और मंगल की कामना की गई. कई श्रद्धालुओं ने इस अवसर पर दान-पुण्य भी किया और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया.

गुरुजनों के प्रति श्रद्धा का दिखा विशेष भाव

गुरु पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं ने अपने गुरुजनों का स्मरण करते हुए उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त की. विभिन्न पंथों और संप्रदायों से जुड़े अनुयायियों ने अपने-अपने गुरुओं का आशीर्वाद प्राप्त करने की कामना की. कई स्थानों पर गुरु वंदना और आध्यात्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए.

घाट और मंदिरों में दिनभर रहा भक्तिमय वातावरण

महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने पूरे उत्साह के साथ धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लिया. "हर-हर गंगे" और भक्ति गीतों के बीच जहाज घाट का वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंगा नजर आया. मंदिरों में पूजा-अर्चना और दर्शन का सिलसिला दिनभर चलता रहा.

आस्था और परंपरा का दिखा सुंदर संगम

गुरु पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा, संस्कृति और भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा का प्रतीक माना जाता है. तिनटंगा करारी के जहाज घाट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने एक बार फिर इस पर्व की धार्मिक महत्ता को जीवंत कर दिया. गंगा स्नान, पूजा-अर्चना और गुरु वंदना के साथ श्रद्धालुओं ने इस पावन अवसर को पूरे उत्साह और आस्था के साथ मनाया.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Vipin Thakur

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >