जिले के विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग सामाजिक संगठनों की ओर से विविध आयोजन किया गया. परिधि की ओर से नवगछिया और कहलगांव में रैली, भाषण व लेख प्रतियोगिता हुई.
परिधि के समन्वयक राहुल ने बताया कि परिधि लगातार लैंगिक विषमता, घरेलू हिंसा, संपत्ति के अधिकार के लिए कार्यक्रम आयोजित करते रहता है. यूएन ने बालिकाओं की स्थिति और चुनौतियों को केंद्र में लाने के लिए बालिका दिवस की घोषणा की है. इस मौके पर राजीव कुमार, रोहित कुमार, नरेश सिंह, सुनील कुमार सिंह, विजय सिंह, सतीश सिंह, निर्मला देवी, संगीता देवी, बिमला देवी, दशरथ सहनी, सुधीर सिंह, दिव्या रानी, पूजा, लवली रानी, रोहिणी कुमारी, प्रगति कुमारी, वैष्णवी प्रिया, अनुपम आदि उपस्थित थे. वहीं सामाजिक-सांस्कृतिक संस्था समवेत की ओर से सन्हौला एवं खरीक प्रखंड के अनुसूचित जाति और जनजाति क्षेत्रों में रहने वाली किशोरियों के बीच विभिन्न कार्यक्रम का आयोजन हुआ. इसमें सन्हौला के तिलकामांझी प्रेरणा केंद्र, सिद्धू कानू प्रेरणा केंद्र, फूलों झानो प्रेरणा केंद्र, बिरसा मुंडा प्रेरणा केंद्र तथा खरीक प्रखंड के आंबेडकर प्रेरणा केंद्र, महात्मा गांधी प्रेरणा केंद्र, संत कबीर प्रेरणा केंद्र तथा नरकटिया के सावित्री बाई फुले प्रेरणा केंद्र में रैली, संवाद सत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम, गीत ,नृत्य और संकल्प सभा का आयोजन किया गया. किशोरियों ने बाल विवाह, शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य और लैंगिक भेदभाव पर अपने विचार भी साझा किए. निदेशक विक्रम ने कहा कि हर बालिका को समान अवसर, शिक्षा और सम्मान मिलना उसका अधिकार है. मौके पर आशा कुमारी, नीतू मुर्मू, करिश्मा कुमारी, पुष्पा कुमारी आदि मौजूद थे.
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