शुभंकर, सुलतानगंज. वसंत पंचमी पर शुक्रवार की शाम बाबा अजगैबीनाथ मंदिर में परंपरा और श्रद्धा के साथ बाबा अजगैबीनाथ का भव्य तिलकोत्सव संपन्न हुआ. विधि-विधान से तिलकोत्सव की रस्म पूरी की गई, जिसमें फल, मिष्ठान, आभूषण, वस्त्र और अबीर-गुलाल से बाबा का दिव्य शृंगार किया गया. तिलकोत्सव के दौरान पूरा मंदिर परिसर बाबा के जयकारों से गूंज उठा.
षोडशोपचार पूजा और भव्य शृंगार
वसंत पंचमी के दिन बाबा अजगैबीनाथ की परंपरानुसार षोडशोपचार पूजा की गई. पूजा के बाद भव्य शृंगार कर बाबा का दरबार सजाया गया. मंदिर के स्थानापति महंत प्रेमानंद गिरी ने बताया कि तिलकोत्सव की यह परंपरा तिलकपुर गांव के भक्तों द्वारा निभाई जाती है. परंपरा के अनुसार तिलकपुर से तिलकहरू श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और बाबा को तिलक अर्पित किया. तिलकोत्सव के बाद भक्तों ने बाबा पर गुलाल अर्पित कर होली खेली और विवाह उत्सव की तैयारी की शुरुआत हुई. मंदिर प्रबंधन ने बताया कि बाबा अजगैबीनाथ का दिव्य विवाह 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन संपन्न होगा, जब बाबा दूल्हा बनकर मां पार्वती के साथ विवाह बंधन में बंधेंगे. तिलकपुर और महेशी क्षेत्र से आए श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद वितरण किया. तिलक के साथ ही अब विवाहोत्सव की तैयारियां भी शुरू हो गई है.हजारों श्रद्धालु रवाना हुए देवघर
वसंत पंचमी के अवसर पर पवित्र उत्तरवाहिनी गंगा तट पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. हजारों भक्तों ने गंगा स्नान कर जल भरा और देवघर बाबाधाम के लिए प्रस्थान किया. कई श्रद्धालु पैदल तो कई वाहन से बाबाधाम रवाना हुए. इस दौरान दर्जनों लोगों ने मुंडन संस्कार भी कराया. अजगैबीनाथ मठ परिसर में सरस्वती पूजा भी धूमधाम से मनाई गई. श्रद्धा, परंपरा और उत्सव के संगम के रूप में वसंत पंचमी पर सुलतानगंज पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया. सरस्वती पूजा से भी सजा मठ परिसरइसी दौरान अजगैबीनाथ मठ परिसर में सरस्वती पूजा भी पूरे उल्लास के साथ मनाई गई. एक ओर ज्ञान की देवी की आराधना, तो दूसरी ओर शिव-विवाह की तैयारियां. वसंत पंचमी पर सुलतानगंज आध्यात्मिक उल्लास का केंद्र बन गया.
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