भागलपुर कहलगांव से रिपोर्ट,
कहलगांव ग्राम पंचायत विकास योजना 2026-27 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित मनरेगा भवन में शनिवार को मुखिया और उपमुखिया के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया. प्रशिक्षण में प्रतिनिधियों को बताया गया कि योजना निर्माण से पहले वार्ड सभा और ग्राम सभा आयोजित कर ग्रामीणों से समस्याएं और मांगें ली जाएं. इसी आधार पर प्राथमिकता तय की जाएगी.पेयजल, स्वच्छता, सड़क, नाली, शिक्षा, स्वास्थ्य, आंगनबाड़ी, कृषि, पशुपालन और रोजगार सृजन को योजना में प्राथमिकता के साथ शामिल करने पर जोर दिया गया.केंद्र व राज्य की योजनाओं को एक जगह लाने की हो रही प्रक्रिया
प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी अमित राज ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं को एक जगह लाकर पंचायत स्तर पर योजना बनाने की प्रक्रिया को ही जीपीडीपी कहते हैं. इसका मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर लोगों की भागीदारी से समावेशी, जनोपयोगी और जरूरत आधारित विकास योजना तैयार करना है, ताकि पंचायत का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके.उन्होंने आगे बताया कि मनरेगा, जीविका, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, पशुपालन, सहकारिता, आपूर्ति और आंगनबाड़ी विभागों के प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर योजनाओं का एकीकरण कैसे किया जाए. इसकी तकनीकी जानकारी भी प्रतिनिधियों को दी गई. इस प्रशिक्षण के बाद पंचायतों से आने वाली योजना अब और अधिक व्यावहारिक और पारदर्शी होगी, जिसका सीधा लाभ ग्रामीणों को मिलेगा.
