Ganga Water Level: मानसून के असर से गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. ऐसे में बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों की चिंता भी बढ़ने लगी है. हालांकि फिलहाल राहत की बात यह है कि भागलपुर के इस्माईलपुर-बिंदटोली और मदरौनी क्षेत्र में गंगा का जलस्तर बढ़ने के बावजूद तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं. बाढ़ नियंत्रण विभाग ने एहतियात के तौर पर निगरानी और कड़ी कर दी है. हर किलोमीटर पर ग्रामीण सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे की सूचना तुरंत मिल सके.
24 घंटे में इस्माईलपुर-बिंदटोली में 23 सेंटीमीटर बढ़ा जलस्तर
बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल से मिली जानकारी के अनुसार 19 जुलाई 2026 की सुबह छह बजे इस्माईलपुर-बिंदटोली स्थित स्पर-07 पर गंगा नदी का जलस्तर 28.46 मीटर दर्ज किया गया. पिछले 24 घंटे में यहां जलस्तर 23 सेंटीमीटर बढ़ा है.
विभाग के अनुसार इस स्थान पर चेतावनी स्तर 30.60 मीटर और खतरे का स्तर 31.60 मीटर निर्धारित है. यानी वर्तमान जलस्तर अभी भी चेतावनी स्तर से काफी नीचे है. वर्ष 2021 में यहां उच्चतम बाढ़ स्तर 33.50 मीटर दर्ज किया गया था.
मदरौनी में भी बढ़ा गंगा का जलस्तर
बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल कार्यालय नवगछिया के अनुसार मदरौनी में रविवार सुबह छह बजे गंगा नदी का जलस्तर 28.76 मीटर दर्ज किया गया. यहां भी पिछले 24 घंटे में जलस्तर 10 सेंटीमीटर बढ़ा है.
मदरौनी में निम्न जलस्तर 24.50 मीटर, चेतावनी स्तर 30.48 मीटर और खतरे का स्तर 31.48 मीटर निर्धारित है. इस स्थान का अब तक का उच्चतम बाढ़ स्तर 33.46 मीटर दर्ज किया जा चुका है.
फिलहाल तटबंध पूरी तरह सुरक्षित
जलस्तर में लगातार वृद्धि के बावजूद राहत की बात यह है कि नदी का पानी अभी तटबंध के पाए (टो) तक नहीं पहुंचा है. बाढ़ नियंत्रण विभाग का कहना है कि सभी तटबंध पूरी तरह सुरक्षित हैं और कहीं से भी दबाव या कटाव जैसी स्थिति सामने नहीं आई है.
प्रशासन ने बढ़ाई चौकसी
मानसून के दौरान जलस्तर में लगातार हो रहे बदलाव को देखते हुए विभाग ने निगरानी और तेज कर दी है. बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल नवगछिया के अधिकारियों ने बताया कि गंगा और कोसी नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है.
तटबंधों की सुरक्षा के लिए हर किलोमीटर पर ग्रामीण सुरक्षा गार्डों की तैनाती की गई है. सभी गार्डों को निर्देश दिया गया है कि तटबंध पर किसी भी प्रकार के रिसाव, दबाव, कटाव या असामान्य गतिविधि की सूचना तत्काल विभागीय अधिकारियों को दें ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके.
Ganga Water Level: बाढ़ प्रभावित इलाकों में बनी हुई है सतर्कता
इस्माईलपुर, बिंदटोली और आसपास के इलाके हर वर्ष बाढ़ के दौरान संवेदनशील माने जाते हैं. ऐसे में जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी पर स्थानीय ग्रामीणों की नजर भी बनी हुई है. फिलहाल प्रशासन का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन लोगों से अपील की गई है कि वे नदी के किनारे अनावश्यक आवाजाही से बचें और प्रशासन द्वारा जारी सूचनाओं पर नजर बनाए रखें.
यदि आने वाले दिनों में लगातार बारिश होती है तो जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है. इसी संभावना को देखते हुए विभाग ने निगरानी तंत्र पहले से ही सक्रिय कर दिया है.
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