bhagalpur news. नौ माह से बंद है गंगा रिवर फ्रंट का निर्माण

सुलतानगंज में गंगा रिवर फ्रंट के तर्ज पर बन रहे सीढ़ी घाट एवं सालों भर गंगा तट पर गंगा का पानी सुनिश्चित रखने के लिए जारी महत्वाकांक्षी पक्की घाट एवं चैनल निर्माण कार्य विगत नौ माह से बंद पड़ा है

शुभंकर, सुलतानगंज. सुलतानगंज में गंगा रिवर फ्रंट के तर्ज पर बन रहे सीढ़ी घाट एवं सालों भर गंगा तट पर गंगा का पानी सुनिश्चित रखने के लिए जारी महत्वाकांक्षी पक्की घाट एवं चैनल निर्माण कार्य विगत नौ माह से बंद पड़ा है. काम के ठप होने के कारण स्थानीय लोगों में यह सवाल जोर पकड़ रहा है कि ड्रीम प्रोजेक्ट आखिर कब शुरू होगा. समय पर प्रोजेक्ट पूरा हो पाएगा या नहीं, इसे लेकर भी संशय गहरा गया है.

वाइल्ड लाइफ क्लीयरेंस नहीं मिलने से रुकावट

जानकारी के अनुसार निर्माण कार्य को रोकने की मुख्य वजह वाइल्ड लाइफ क्लीयरेंस (एनओसी) न मिलना है. सुलतानगंज विधायक प्रो ललित नारायण मंडल ने बताया कि 21 मार्च 2025 को एनओसी के लिए फाइल भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को भेजी गई है. बिहार सरकार ने प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है, अब केंद्र स्तर पर अनुमोदन लंबित है. कहा कि एनओसी को लेकर केंद्रीय मंत्री से मिलकर पहल की जाएगी. जल्द मंजूरी मिलने पर कार्य फिर से शुरू कर दिया जाएगा. पूर्व में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं मुख्य सचिव को भी स्थिति से अवगत कराया गया था. मुख्यमंत्री ने प्रोजेक्ट को निर्धारित समय में पूरा करने का निर्देश भी दिया है. विधायक ने जोर दिया कि गंगा रिवर फ्रंट की तर्ज पर बन रहा यह परियोजना सुलतानगंज का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसे हर हाल में पूरा किया जाएगा.

126 करोड़ की लागत से बन रहा चैनल व पक्की घाट

सुलतानगंज में उत्तर वाहिनी गंगा नदी पर 126 करोड़ रुपये की लागत से चैनल और पक्की घाट का निर्माण होना है. काम 11 दिसंबर को शुरू हुआ था और इसे 18 माह में पूरा किया जाना था. निर्माण में चेंजिंग रूम, टॉयलेट व बैठने की व्यवस्था के साथ रोशनी की सुविधा होगी. धूप और बारिश से बचने के लिए भी व्यापक इंतजाम किया जायेगा. विधायक ने बताया कि सुलतानगंज का सौंदर्यीकरण के साथ एक अलग लुक गंगा किनारे मिलेगा. श्रद्धालुओं और पर्यटक को सुविधा मिलेगा.

सालों भर रहेगा गंगा का उत्तर वाहिनी स्वरूप

विधायक ने बताया कि एनओसी मिलने के बाद काम की गति तेज हो जायेगी, ताकि आने वाले श्रावणी मेला में कांवरियों को बेहतर सुविधा मिल सके. परियोजना के निर्माण से सालों भर गंगा उतर वाहिनी स्वरूप में श्रद्धालुओं को मिलेंगी. पक्की घाट की सुविधा होगी.

– प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं :

– लगभग एक किलोमीटर लंबा पक्का घाट

– 74 स्टेप के साथ चेंजिंग रूम व बैठने की व्यवस्था

– कृष्णगढ़ से अजगैबीनाथ मंदिर पुल तक लगभग 30 मीटर चौड़ी सड़क

– 15 मीटर बालू, ढाई-ढाई मीटर फेबर ब्लॉक और 10 मीटर पीसीसी रोड

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Author: ATUL KUMAR

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