भागलपुर जिले के नवगछिया अनुमंडल क्षेत्र अंतर्गत गंगा और कोसी नदियों के जलस्तर में सोमवार को भी लगातार वृद्धि दर्ज की गई. जल संसाधन विभाग द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस्माईलपुर-बिंद टोली, राघोपुर और मदरौनी में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है, जबकि जेबी चोरहर साइट पर कोसी नदी का पानी चेतावनी स्तर को पार कर गया है. लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने सभी प्रमुख तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी है.
इस्माईलपुर-बिंद टोली में 23 सेंटीमीटर बढ़ा जलस्तर
जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, इस्माईलपुर-बिंद टोली स्थित स्पर संख्या-07 पर गंगा का जलस्तर बढ़कर 30.27 मीटर तक पहुंच गया है, जिसमें पिछले 24 घंटे के भीतर 23 सेंटीमीटर की बड़ी वृद्धि हुई है.
- चेतावनी स्तर: 30.60 मीटर
- खतरे का स्तर: 31.60 मीटर
फिलहाल तटबंध सुरक्षित बताए जा रहे हैं, लेकिन नदी का पानी तटबंध के टो (निचले हिस्से) को स्पर्श करने लगा है.
जेबी चोरहर में चेतावनी स्तर के पार पहुंची कोसी नदी
जेबी चोरहर क्षेत्र में स्थिति सबसे संवेदनशील बनी हुई है, जहां कोसी नदी का जलस्तर 30.80 मीटर दर्ज किया गया. यह आंकड़े चेतावनी स्तर (30.77 मीटर) से 3 सेंटीमीटर ऊपर हैं, जबकि यहां खतरे का निशान 31.77 मीटर पर है. हालांकि बागजान जमींदारी बांध अभी पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रण में है.
राघोपुर और मदरौनी में भी लगातार जल वृद्धि
- राघोपुर (गंगा नदी): जलस्तर 31.25 मीटर दर्ज किया गया, जिसमें 12 सेमी की बढ़ोतरी हुई है. काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल बांध के टो को नदी का पानी छू रहा है.
- मदरौनी (कोसी नदी): जलस्तर 30.03 मीटर दर्ज किया गया, जो 24 घंटे में 5 सेमी बढ़ा है. यहां खतरे का स्तर 31.48 मीटर है और फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है.
तटबंधों पर अलर्ट मोड में विभाग
सभी चारों प्रमुख स्थलों पर जलस्तर में हो रही लगातार वृद्धि को देखते हुए जल संसाधन विभाग और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है. अभियंताओं और सुरक्षा कर्मियों को तटबंधों पर गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं. विभागीय अधिकारियों के अनुसार स्थिति फिलहाल पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन जलस्तर का रुख देखते हुए चौकसी बरती जा रही है.
