Bhagalpur news मकर संक्रांति पर गंगा का धरती पर हुआ था अवतरण : स्वामी आगमानंद
श्री लक्ष्मी नारायण ठाकुरबाड़ी परिसर में गुरुवार को हिंदू सम्मेलन सह मकर संक्रांति महोत्सव का आयोजन किया गया.
नवगछिया अनुमंडल अंतर्गत जमुनिया गांव स्थित ऐतिहासिक श्री लक्ष्मी नारायण ठाकुरबाड़ी परिसर में गुरुवार को हिंदू सम्मेलन सह मकर संक्रांति महोत्सव का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के संयोजक तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के सिंडिकेट सदस्य एवं भागलपुर विश्वविद्यालय के सिंडिकेट सदस्य डॉ मृत्युंजय कुमार सिंह गंगा रहे. इस अवसर पर श्रीशिवशक्ति योगपीठ के पीठाधीश्वर परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज ने मकर संक्रांति पर्व के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मकर संक्रांति के दिन भगवान भास्कर उत्तरायण होते हैं. आज से दिन बड़े और रातें छोटी होने लगती हैं, जो सृष्टि में सकारात्मक ऊर्जा और प्रगति का प्रतीक है. कहा कि इसी पावन तिथि को पतित-पावन सलिला माता गंगा का धरती पर अवतरण हुआ था, जिससे पृथ्वी पापमुक्त हुई.
इसी क्रम में डॉ मृत्युंजय कुमार सिंह गंगा के जन्मदिन के अवसर पर विधान पार्षद डॉ संजीव कुमार सिंह ने उन्हें माला पहनाकर एवं प्रभारी कुलपति विमलेंदु शेखर झा ने अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया. इस अवसर पर एक सौ से अधिक जरूरतमंदों के बीच कंबल का वितरण किया गया. कंबल वितरण का उद्घाटन परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज ने किया. वहीं ठाकुरबाड़ी परिसर में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मकर संक्रांति महोत्सव का प्रसाद ग्रहण किया. कार्यक्रम में डॉ सपना सिंह, जिला पार्षद प्रतिमा कुमारी, बनारसी लाल सर्राफ कॉमर्स कॉलेज के प्राचार्य प्रो दिनकर आचार्य, शिक्षक प्रतिनिधि डॉ अमरजीत सिंह, लेखपाल विनोदानंद मंडल, शिक्षक रामानंद सिंह, माणिक चंद्र, मुकेश सिंह, मीडिया प्रभारी राजेश कानोड़िया, एनसीसी कैडेट सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मी एवं ग्रामीण मौजूद रहे. कार्यक्रम का सफल संचालन पत्रकार दिलीप शास्त्री ने किया.
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