Bhagalpur news दुर्घटना स्थल से पांच सौ मीटर दूर पुलिस को पहुंचने में लगे चार घंटे से भी अधिक समय

सड़क दुर्घटना स्थल से महज पांच सौ मीटर दूर पुलिस को पहुंचने में चार घंटे से भी अधिक समय लग गया.

सड़क दुर्घटना स्थल से महज पांच सौ मीटर दूर पुलिस को पहुंचने में चार घंटे से भी अधिक समय लग गया. परिजन आक्रोशित होकर सड़क जाम कर दिये, तो पुलिस परिजन को समझाने बुझाने पहुंची. थाना चौक से ही कार काफी तेज गति में जा रही थी. भवानीपुर के सरस्वती मंदिर के पास कार चालक मछली व्यवसायी को धक्का मार तेजी से घर की ओर भागने लगा. इस दौरान काली मंदिर के पास गांव के ही दिलीप कुमार यादव को टक्कर मार दी. चालक वहीं पर गाड़ी खड़ी कर फरार हो गया. घटना स्थल काली मंदिर नवगछिया थाना से महज पांच सौ गज की दूरी पर है. पुलिस पीओ पर नहीं पहुंची. न ही अनुमंडल अस्पताल पहुंची. अस्पताल उपाधीक्षक ने कहा कि कई बार नवगछिया थाना की पुलिस से संपर्क करने का प्रयास किया. किंतु नहीं पहुंची.आक्रोशित ग्रामीण अस्पताल के पास रोड जाम कर दिया. रोड जाम करने के 15 मिनट बाद नवगछिया थाना व यातायात थाना की पुलिस पहुंची. जाम ग्रामीणों ने 45 मिनट तक किया. पुलिस पदाधिकारी के समझाने बुझाने पर जाम को हटाया. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अनुमंडल अस्पताल नवगछिया भेज दिया. पोस्टमार्टम में देरी को लेकर ग्रामीण अक्रोशित हो रहे थे. दिलीप कुमार यादव के इलाज में परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया. परिजनों का कहना था कि चिकित्सक ने ठीक से इलाज नहीं किया. सही से इलाज करते, तो दिलीप की जान बच सकती थी. अस्पताल के उपीधीक्षक पिकेंश कुमार ने कहा कि जिस समय दिलीप कुमार यादव को अस्पताल लाया गया था. अस्पताल में डॉ मोहन कुमार उपस्थित थे. उन्होंने दिलीप का इलाज किया. दिलीप को इंटरनल ब्लीडिंग हो रही थी, इसलिए उसे बेहतर इलाज के लिए भागलपुर अस्पताल रेफर कर दिया गया. दिलीप की पत्नी दुलो देवी की चीत्कार से अस्पताल दहल रहा था. पुत्री नीलू देवी, करीना कुमारी व रूची कुमारी दहाड़ मार कर रो रही थी. पुत्र बिट़्टु यादव, सिंटू यादव, करण यादव गुमसुम थे. पुत्र बिट्टु यादव ने बताया कि पिता प्लबर मिस्त्री का काम करते थे. सुबह घर से काम करने के लिए मकंदरपुर जा रहे थे. इस दौरान कार ने धक्का मार दिया. मो शकील बनिया के पोखर से मछली खरीद कर भवानीपुर मछली बेचने आये थे. तेज रफ्तार से कार ने धक्का मार दी, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गयी. वह अपने पीछे मो अजमेर, प्रवेज, मो इजहार, मो नसरूल, मो नजरूल, पुत्री सीफत खातून, फरहद खातून को छोड़ गये हैं. पुत्र प्रवेज के बयान पर यातायात थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी है. पुलिस ने दुर्घटनाकारित कार जब्त कर मामले की जांच कर रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By JITENDRA TOMAR

JITENDRA TOMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >