नवगछिया. खरीक प्रखंड के राघोपुर के शंकरपुर में 23 अगस्त की रात मार्जिनल बांध टूटने के बाद से जारी कटावरोधी अभियान में अब राहत के संकेत मिलने लगे हैं. गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ कटाव की रफ्तार काफी हद तक थम गयी है. हालांकि, जलस्तर घटने के बाद दोबारा कटाव शुरू होने की आशंका ने विभाग और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. इसी को देखते हुए पुरानी रेलवे लाइन तटबंध की सुरक्षा को लेकर निगरानी व्यवस्था और मजबूत कर दी गयी है.
एक किलोमीटर के दायरे में 300 से अधिक मजदूर जुटे
पिछले तीन दिनों से स्टीमर के माध्यम से मेगा जियो बैग बांध के किनारे डाले जा रहे हैं. करीब एक किलोमीटर के दायरे में 300 से अधिक मजदूर लगातार कटावरोधी कार्य में जुटे हैं. वहीं 200 से अधिक ट्रैक्टर जियो बैग और निर्माण सामग्री को कटावस्थल तक पहुंचाने में लगे हैं.
विभाग का पूरा जोर तटबंध के कमजोर हिस्सों को अभी से मजबूत करने पर है, ताकि जलस्तर कम होने के दौरान गंगा की धारा का दबाव तटबंध को नुकसान न पहुंचा सके.
ब्रह्मस्थान से नोज क्षेत्र तक पैनी नजर
कटाव का तत्काल खतरा कम होने के बावजूद विभाग की नजर ब्रह्मस्थान, महादेवपुर घाट से लेकर आगे नोज क्षेत्र तक बनी हुई है. अभियंताओं का मानना है कि जलस्तर घटने के बाद नदी की धारा की दिशा और दबाव में बदलाव हो सकता है. इससे इन हिस्सों में दोबारा कटाव का खतरा उत्पन्न होने की आशंका है.
इसी वजह से पूरे क्षेत्र में लगातार निगरानी की जा रही है. शुक्रवार को क्षेत्रीय विधायक सह पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र एक बार फिर राघोपुर पहुंचे और कटावरोधी कार्यों का जायजा लिया.
जलस्तर घटने के दौरान सतर्क रहने का निर्देश
मंत्री ने अधिकारियों और संवेदकों को जलस्तर घटने के दौरान संभावित कटाव को लेकर विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया. उन्होंने गेबियन में जियो बैग और मेगा जियो बैग को मजबूती से लगाने तथा बांध किनारे पर्याप्त सुरक्षा सामग्री उपलब्ध रखने को कहा.
तीन मीटर का बेड तैयार, पांच मीटर तक बढ़ाने की योजना
पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर शैलेंद्र ने कहा कि फिलहाल कटाव में नरमी आयी है, लेकिन चुनौती अभी खत्म नहीं हुई है. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी रोजाना राघोपुर की स्थिति की रिपोर्ट ले रहे हैं और लगातार संवाद कर रहे हैं. मुख्यमंत्री के निर्देश पर यहां युद्धस्तर पर कटावरोधी कार्य जारी है.
उन्होंने बताया कि फिलहाल तीन मीटर का बांध बेड तैयार किया गया है, जिसे बढ़ाकर पांच मीटर किया जायेगा. इसके बाद स्लोप तैयार कर बंबू रोल लगाये जायेंगे. आगे मेगा जियो बैग और अन्य सुरक्षा तकनीकों के माध्यम से तटबंध को और मजबूत किया जायेगा.
मंत्री ने कहा कि वह पिछले पांच दिनों से लगातार मौके पर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं. वर्तमान स्थिति में कटाव में काफी नरमी आयी है, लेकिन अगले एक-दो दिनों में जलस्तर में बदलाव की संभावना को देखते हुए विभाग को पहले से पूरी तैयारी रखनी होगी.
अभियंता प्रमुख बोले- कटाव पूरी तरह नियंत्रण में
अभियंता प्रमुख वरुण कुमार ने भी मौजूदा स्थिति को राहत देने वाला बताया. उन्होंने कहा कि फिलहाल कटाव पूरी तरह नियंत्रण में है और कहीं भी नया कटाव परिलक्षित नहीं हो रहा है. पूरे तटबंध पर अभियंताओं की टीम लगातार मुस्तैद है.
उन्होंने बताया कि उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और विभाग के सचिव भी स्थिति की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं. अधिकारियों के अनुसार फिलहाल चिंता की स्थिति नहीं है, लेकिन तटबंध की सुरक्षा को लेकर निगरानी और कटावरोधी कार्य लगातार जारी रहेगा.
