असद अशरफी, कहलगांव
गंगा कटाव से विस्थापित गोपालपुर प्रखंड तीनटंगा के 15-20 परिवारों के बच्चे इन दिनों पढ़ाई से वंचित हो गये हैं. पहले तीनटंगा गांव में जब रहते थे, तो पूर्वजों को कटाव की मार झेलनी पड़ी और विस्थापित होकर कहलगांव में बस गये. अब यहां के स्कूल में बच्चों का नामांकन नहीं हो रहा है.
पुलिस जिला नावगछिया के कटाव पीड़ित पलायन कर कहलगांव प्रखंड के महेशामुंडा पंचायत में आकर बसे. हर तरह की परेशानियों से लड़ कर किसी तरह अपना आशियाना तो बनाया, लेकिन अब अपने बच्चों के भविष्य की चिंता उन्हें सताने लगी है. बच्चों का विद्यालय में नामांकन नहीं हो रहा है. ग्रामीण संगीता देवी, सकलदेव सिंह, सरिता देवी, चंदेश्वरी सिंह बताते हैं कि हमलोग सड़क किनारे घर बना कर रह रहे थे. स्थानीय प्रशासन ने वहां से भगा दिया गया. किसी तरह पैसे जोड़ सड़क से दस फीट गड्डे में जमीन का एग्रीमेंट करवा खरपतवार से घर बनवाया. जहां न तो पेयजल की व्यवस्था है और न बिजली. किसी तरह से अपने परिवार के साथ रह रहे हैं. अब हमलोगों के सामने एक नयी समस्या उत्पन्न हो गयी है. बच्चों का नामांकन यहां के विद्यालय में नहीं हो रहा है. बच्चों के नामांकन के लिए विद्यालय में अपार आइडी और टीसी की मांग की जाती है. कटाव से पहले हमारे बच्चे जिस बुनियादी मवि तीनटंगा में पढ़ते थे. वहां से यह चीजें नहीं दिया जा रहा है. इस कारण बच्चों का नामांकन नहीं हो रहा है. ग्रामीण दे रहे शिक्षा ग्रामीण शिक्षक अजय कुमार किसी तरह से बच्चों को धनौरा महेशामुंडा गांव के बीच स्थित पुल पर बच्चों को पढ़ा कर उनके भविष्य संवारने में जुटे हैं. वह यहां के बच्चे को एक ही जगह बैठा कर वर्ग एक से आठ तक के 30-35 बच्चों में शिक्षा का अलख जगा रहे हैं.कोट:::
इस तरह की कोई सूचना उन्हें नहीं है. अपार आईडी पूरे देश में लागू होता है. किसी विद्यालय में नामांकन करा सकते हैं.
राजकुमार शर्मा, डीईओ, भागलपुर
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