परिवार नियोजन अभियान को गति देने के लिए CHC में समन्वय बैठक, बाल विवाह व कम उम्र में गर्भधारण रोकने पर जोर

भागलपुर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) गोपालपुर में परिवार नियोजन कार्यक्रम को प्रभावी बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया. इस बैठक में विभिन्न विभागों के समन्वय और जनजागरूकता अभियानों पर विस्तार से चर्चा हुई.

भागलपुर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) गोपालपुर में परिवार नियोजन कार्यक्रम को अधिक प्रभावी बनाने और आम लोगों के बीच जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक का आयोजन किया गया. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुधांशु कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में विभिन्न अंतर-विभागीय समन्वय और अभियान की भावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई, ताकि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सके.

अंतर-विभागीय समन्वय से गांव-गांव पहुंचेगा संदेश

बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अलावा अन्य सहयोगी विभागों और संस्थाओं के अधिकारियों ने हिस्सा लिया:

  • प्रमुख प्रतिभागी: बैठक में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO), प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) तथा डेवलपमेंट पार्टनर पिरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने भाग लिया.
  • जागरूकता के प्रमुख बिंदु: बैठक के दौरान बाल विवाह रोकने, कम उम्र में गर्भधारण से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य नुकसान, दो बच्चों के जन्म में सुरक्षित अंतर (Spacing) बनाए रखने तथा योग्य दंपतियों (Target Couples) तक सरकारी सुविधाओं व बास्केट ऑफ चॉइस (गर्भनिरोधक साधनों) की पहुंच सुनिश्चित करने पर बल दिया गया.

आशा, आंगनबाड़ी और विद्यालयों के माध्यम से चलेगा अभियान

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक संदेश पहुंचाने के लिए त्रिस्तरीय रणनीति अपनाई जाएगी:

  • आंगनबाड़ी व आशा वर्कर: गांव-गांव में घर-घर जाकर योग्य दंपतियों को परामर्श देंगी और परिवार नियोजन के आधुनिक साधनों की जानकारी प्रदान करेंगी.
  • विद्यालयों की भूमिका: शिक्षा विभाग के सहयोग से किशोर-किशोरियों को कम उम्र में विवाह और कम उम्र में मां बनने के खतरों के प्रति जागरूक किया जाएगा.

"सभी विभागों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक": स्वास्थ्य प्रबंधक

स्वास्थ्य प्रबंधन एवं रणनीति पर प्रकाश डालते हुए स्वास्थ्य प्रबंधक आतिश कुमार राय ने कहा:

आतिश कुमार राय का वक्तव्य: "परिवार नियोजन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक सुधार का विषय है. इस अभियान को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है. सामूहिक प्रयासों से ही समाज में सकारात्मक सोच विकसित होगी और मातृ-शिशु स्वास्थ्य के सूचकांक में सुधार आएगा."


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By Vipin Thakur

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