मुख्य बातें:
भागलपुर (गोपालपुर) से विपिन ठाकुर की रिपोर्ट
Embankment Flood Control: बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग द्वारा बाढ़ और भीषण कटाव से सुरक्षा के लिए नवगछिया अनुमंडल के विभिन्न प्रखंडों में भारी-भरकम राशि से कटाव निरोधी कार्य (Anti-Erosion Works) करवाए जा रहे हैं. इनमें सबसे संवेदनशील माना जाने वाला इस्माईलपुर-बिंद टोली तटबंध और रंगरा चौक प्रखंड का ज्ञानी दास टोला कटाव स्थल मुख्य है. हालांकि, इन अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में चल रहे निर्माण कार्यों की समय-सीमा (डेडलाइन) तीसरी बार बढ़ाए जाने से स्थानीय ग्रामीणों में भारी असंतोष और आक्रोश है. मानसून की दस्तक के साथ ही तटवर्ती गांवों के लोग अब बाढ़ की विभीषिका की आशंका से दहशत में जी रहे हैं.
करोड़ों के प्रोजेक्ट्स अधर में; भुगतान न होने से सुस्त पड़ी रफ्तार
बाढ़ नियंत्रण और तटबंध निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- स्पर संख्या 7 और 8 के बीच: यहाँ ₹22 करोड़ की लागत से 256 मीटर के दायरे में सीट पाइलिंग, बोल्डर क्रेटिंग और मिट्टी भराई कर तटबंध को मूल स्वरूप में लाने का काम चल रहा है. वर्तमान में सीट पाइलिंग का काम तो हो चुका है, लेकिन स्लोप (ढलान) निर्माण का कार्य अब भी आधा-अधूरा पड़ा है.
- स्पर संख्या 8 और 9 के बीच: इस हिस्से में ₹64 करोड़ की भारी लागत से 740 मीटर में सीट पाइलिंग, बोल्डर एप्रोन और स्पर संख्या 9 के जीर्णोद्धार सहित मिट्टी भराई का कार्य किया जाना है. फिलहाल यहाँ सीट पाइलिंग और बोल्डर एप्रोन का काम पूरी तरह आधा-अधूरा है.
क्यों हुई देरी? मूल निविदा (टेंडर) के अनुसार यह पूरा काम हर हाल में 30 मई तक पूरा किया जाना था. लेकिन संबंधित ठेकेदार को समय पर भुगतान न मिलने के कारण कार्य की रफ्तार बेहद धीमी हो गई. इसके बाद विभाग ने तिथि बढ़ाकर 30 जून की, लेकिन कछुआ गति को देखते हुए अब 30 जून तक भी काम पूरा होने की संभावना बेहद क्षीण नजर आ रही है.
Embankment Flood Control: विभिन्न योजनाओं की नई डेडलाइन और अभियंता का दावा
इस्माईलपुर-बिंद टोली तटबंध पर कैंप कार्यालय के सामने 990 मीटर के दायरे में ₹4 करोड़ की लागत से चल रहा सोल कटिंग का कार्य भी 30 जून तक पूरा होना था. वहीं रंगरा चौक प्रखंड के ज्ञानी/झल्लू दास टोला में 1394 मीटर में चार लेयर में नौ मीटर की चौड़ाई में करीब ₹20 करोड़ की लागत से चल रहे कार्य को पूरा करने की अंतिम तिथि पहले 15 जुलाई निर्धारित थी.
इस पूरे मामले पर बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल कार्यालय के कार्यपालक अभियंता ई. गौतम कुमार ने बताया कि गंगा और कोसी नदी के अधिकांश संवेदनशील पॉइंट पर कटाव निरोधी कार्य लगभग पूरा करा लिया गया है. इस्माईलपुर-बिंद टोली तटबंध के बचे हुए कार्यों को अब आगामी 10 जुलाई तक और ज्ञानी दास टोला के कार्यों को 30 जुलाई तक हर हाल में पूरा करा लिया जाएगा. विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है.
तटवर्ती इलाकों के ग्रामीणों का कहना है कि मानसून ने क्षेत्र में दस्तक दे दी है और गंगा व कोसी नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि का सिलसिला शुरू हो चुका है. ऐसे में सुरक्षात्मक कार्यों की समय-सीमा बार-बार बढ़ाना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है. यदि नदियों का उफान तेज हुआ, तो आधा-अधूरा निर्माण ताश के पत्तों की तरह बह जाएगा और दर्जनों गांवों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा.
