DWSM Review Meeting: प्रभारी जिलाधिकारी सह अपर समाहर्ता (विधि-व्यवस्था) राकेश रंजन की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में 'हर घर नल का जल', लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान और वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्यान्वयन योजना (AIP) की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट देखी गई. बैठक में जहां 24 हजार व्यक्तिगत शौचालयों के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 10,952 लाभार्थियों को राशि भुगतान की पुष्टि की गई, वहीं जल-नल योजनाओं में लापरवाही बरतने वालों पर संयुक्त जांच रिपोर्ट के आधार पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए.
प्रत्येक घर में लागू होगा चार-प्वाइंट कचरा पृथक्करण नियम
बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी अनुपालन को लेकर रणनीति बनाई गई. अब जिले के प्रत्येक परिवार को अपने घर पर ही चार प्रकार के कचरों को अलग-अलग रखना होगा:
- गीला कचरा
- सूखा कचरा
- मेडिकल कचरा
- बायो-हैजार्डस (जैव-खतरनाक) कचरा
अधिकारियों ने बताया कि जिले की करीब 25 प्रतिशत ग्राम पंचायतों में यह कचरों के पृथक्करण की अनूठी व्यवस्था सुचारू रूप से लागू की जा चुकी है. प्रभारी डीएम ने सख्त निर्देश दिया कि शेष 75 प्रतिशत पंचायतों में अगले एक महीने के भीतर अतिरिक्त डस्टबिन (कचरे के डिब्बे) उपलब्ध कराकर इस शत-प्रतिशत धरातल पर उतारा जाए.
शौचालय निर्माण: दो महीने में पूरा होगा शेष भुगतान का लक्ष्य
लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान की समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि जिले के लिए निर्धारित 24,000 व्यक्तिगत शौचालयों के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 10,952 योग्य लाभार्थियों के खातों में प्रोत्साहन राशि भेजी जा चुकी है. प्रशासन ने शेष बचे लाभार्थियों की अविलंब जियो-टैगिंग (Geo-tagging) कर अगले दो महीनों के भीतर भुगतान प्रक्रिया को पूर्ण करने का समय तय किया है. इसके अतिरिक्त, ग्रामीण क्षेत्रों की सुविधा के लिए 10 नए सामुदायिक स्वच्छता परिसरों के निर्माण कार्य में भी तेजी लाने को कहा गया है.
विशनपुर जिछो बायोगैस प्लांट को पूर्ण क्षमता से चलाने का आदेश
गोवर्धन योजना के तहत गोराडीह प्रखंड की विशनपुर जिछो ग्राम पंचायत में स्थापित बायोगैस प्लांट की कार्यप्रणाली पर अधिकारियों ने असंतोष व्यक्त किया. समीक्षा में पाया गया कि यह संयंत्र अपनी वास्तविक क्षमता से कम पर काम कर रहा है. इस पर संज्ञान लेते हुए प्रभारी डीएम ने संबंधित निर्माण एवं संचालक एजेंसी को फटकार लगाते हुए इसके संचालन और अनुरक्षण (Maintanence) में तत्काल सुधार करने तथा इसे पूरी क्षमता से क्रियाशील करने का अल्टीमेटम दिया.
स्वच्छता कर्मियों के मानदेय को लेकर लिया गया बड़ा निर्णय
ग्रामीण क्षेत्रों को साफ-सुथरा रखने वाले स्वच्छता पर्यवेक्षकों और स्वच्छता कर्मियों के मानदेय को लेकर भी बैठक में विस्तृत चर्चा हुई:
- नवंबर 2025 तक का भुगतान: अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नवंबर 2025 तक की पूरी मानदेय राशि संबंधित ग्राम पंचायतों के खातों में भेजी जा चुकी है.
- नियमित भुगतान का नया मॉडल: भविष्य में मानदेय में देरी न हो, इसके लिए 15वें वित्त आयोग की राशि और राज्य योजना के अभिसरण (Convergence) से नियमित फंड जारी करने के लिए पंचायत स्तर पर वित्तीय ढांचा तैयार करने का निर्णय लिया गया.
गड़बड़ी करने वाले वेंडरों और ऑपरेटरों पर होगी कानूनी कार्रवाई
जिले में नल-जल योजनाओं की जमीनी हकीकत परखने के लिए कराई गई संयुक्त जांच रिपोर्ट (Joint Inspection Report) भी बैठक पटल पर रखी गई. प्रभारी जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंताओं को निर्देशित किया कि जिन वार्डों या पंचायतों में जलापूर्ति बाधित है अथवा पाइपलाइन लीक है, वहां तुरंत सुधारात्मक कार्य शुरू कराएं. जिन संवेदकों या ऑपरेटरों की लापरवाही से जनता को पानी नहीं मिल रहा है, उनके खिलाफ लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन करते हुए विधि सम्मत कार्रवाई की जाए.
बैठक में ये रहे उपस्थित:
इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अपर समाहर्ता सह उप विकास आयुक्त (DDC) दिनेश राम, डीआरडीए निदेशक दुर्गा शंकर, डीआरडीए निदेशक (NEP) अमर कुमार मिश्रा, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (ICDS) सहित पीएचईडी (PHED), पंचायती राज विभाग और जिला जल एवं स्वच्छता मिशन से जुड़े तमाम आला अधिकारी व तकनीकी एजेंसियों के प्रतिनिधि मुख्य रूप से शामिल थे.
