bhagalpur news. स्थायी आवास की मांग पर गृहविहीनों की बैठक, 30 को धरना का ऐलान

सिंचाई कॉलोनी कहलगांव में कटाव पीड़ित एवं गृहविहीन परिवारों की बैठक आयोजित की गई

सिंचाई कॉलोनी कहलगांव में कटाव पीड़ित एवं गृहविहीन परिवारों की बैठक आयोजित की गई. जिसकी अध्यक्षता गौतम कुमार ने की. बैठक का संचालन वार्ड पार्षद एवं जल श्रमिक संघ के नेता योगेंद्र सहनी ने किया. बैठक का मुख्य एजेंडा स्थायी आवास की मांग और हाल ही में सिंचाई विभाग द्वारा जारी किए गए जमीन खाली करने के नोटिस का विरोध रहा. बैठक में स्थानीय मछुआ सुखदेव सहनी ने बताया कि सिंचाई विभाग ने एक सप्ताह के भीतर कॉलोनी खाली करने का नोटिस दिया है. जिससे कड़ाके की ठंड में रह रहे परिवारों में भय का माहौल है. फूलमणि देवी ने कहा कि वर्ष 1995 में 65 परिवारों को पर्चा दिया गया था, लेकिन आज तक उन्हें दखलदहानी नहीं मिल सकी. वर्तमान में पर्चाधारी और भूमिहीन मिलाकर करीब सौ परिवार सिंचाई कॉलोनी में रह रहे हैं. गृहविहीनों ने आरोप लगाया कि बिहार सरकार के अतिक्रमण हटाने के फैसले का लाभ उठाकर सिंचाई विभाग गरीबों को उजाड़ने की कोशिश कर रहा है. वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि यदि सरकारी जमीन खाली कराना सरकार की जिम्मेदारी है, तो भूमिहीनों को बसाना भी उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी है. भागलपुर से आए साथी उदय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना और मछुआ आवास योजना जैसी योजनाओं का उद्देश्य ही आवासहीनता दूर करना है. झुग्गी-झोपड़ी संघर्ष के नेता अनिरुद्ध ने कहा कि विभिन्न विभाग जमीन अधिग्रहित कर बाद में उसे सरकारी बताकर गरीबों को बेदखल करते हैं, जो अन्यायपूर्ण है. बैठक में निर्णय लिया गया कि स्थायी पुनर्वास मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा. साथ ही सिंचाई विभाग से मांग की जाएगी कि पुनर्वास होने तक लोगों को वहीं रहने दिया जाए. इसके विरोध में 30 दिसंबर को अनुमंडल कार्यालय में धरना, सर्वदलीय बैठक बुलाने और जरूरत पड़ने पर जेल भरो आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया.

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Author: ATUL KUMAR

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