भागलपुर जिले के सुप्रसिद्ध अजगैबीनाथ धाम (सुलतानगंज) में पवित्र सावन माह की दूसरी सोमवारी और सोम प्रदोष के दुर्लभ एवं पावन संयोग पर श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा. अहले सुबह से ही उत्तरवाहिनी गंगा नदी में स्नान करने और गंगाजल भरने के लिए देश-विदेश से पहुंचे कांवड़ियों का तांता लगा रहा. कृष्णगढ़ नियंत्रण कक्ष के आंकड़ों के अनुसार, सोमवार सुबह 11 बजे तक ही 1.46 लाख से अधिक कांवरिये पवित्र गंगाजल लेकर देवघर (बाबाधाम) के लिए पैदल यात्रा पर रवाना हो चुके थे.
सोम प्रदोष पर जलार्पण का विशेष महत्व
उत्तरवाहिनी गंगा में आस्था की डुबकी लगाने के बाद श्रद्धालुओं ने बाबा अजगैबीनाथ मंदिर में विधिवत जलाभिषेक किया. सोम प्रदोष की तिथि होने के कारण मंदिर परिसर में अलसुबह से ही जलार्पण के लिए श्रद्धालुओं की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं. अजगैबीनाथ मंदिर के स्थानापति महंत प्रेमानंद गिरि ने बताया कि सोम प्रदोष की तिथि भगवान आशुतोष की आराधना के लिए अत्यंत कल्याणकारी मानी जाती है. इस शुभ योग में जल चढ़ाने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और भगवान शिव की असीम कृपा प्राप्त होती है.
भक्ति और संगीत की धुन पर थिरकते बढ़े कांवरियों के कदम
बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और नेपाल सहित विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे शिवभक्तों से पूरा सुलतानगंज शहर केसरियामय नजर आया.
इस बार कांवड़ यात्रा में भक्ति के साथ-साथ संगीत का भी अनूठा संगम देखने को मिला:
- भक्ति गीतों पर थिरकते जत्थे: कई कांवड़िया जत्थे अपने साथ साउंड सिस्टम लेकर चल रहे हैं. 'भोले बाबा वेलकम' और 'बाबा नगरी दूर है, जाना जरूर है' जैसे लोकप्रिय भक्ति गीतों तथा ढोल-नगाड़ों की थाप पर युवा व महिला कांवड़िये नाचते-गाते देवघर की ओर कदम बढ़ाते दिखे.
प्रशासन मुस्तैद, चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाबल तैनात
गंगा घाट से लेकर मुख्य सड़कों और कांवरिया पथ तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा एवं नागरिक सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए गए थे. कृष्णगढ़ नियंत्रण कक्ष के माध्यम से लगातार भीड़ प्रबंधन की निगरानी की जा रही है, जबकि घाटों पर जल पुलिस और मुख्य मार्गों पर पुलिस बल तैनात रहकर श्रद्धालुओं को सुचारू मार्ग प्रदान कर रहे हैं.