bhagalpur news. शिव महापुराण के चौथे दिन सती, ब्रह्मा व कामदेव की कथा का वर्णन
उत्तर वाहिनी गंगा तट पर स्थित जागेश्वर नाथ महादेव मंदिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय शिव महापुराण कथा के चौथे दिन कथा वाचिका जया मिश्रा ने रुद्र संहिता की कथा का वर्णन किया
उत्तर वाहिनी गंगा तट पर स्थित जागेश्वर नाथ महादेव मंदिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय शिव महापुराण कथा के चौथे दिन कथा वाचिका जया मिश्रा ने रुद्र संहिता की कथा का वर्णन किया. उन्होंने सती के प्रसंग के माध्यम से शिक्षाप्रद जानकारी दी. बताया कि ब्रह्मा जी द्वारा पृथ्वी की रचना के पश्चात उनके दस पुत्र उत्पन्न हुए, जिन्हें उन्होंने अपने मानस पुत्रों के रूप में स्वीकार किया. तत्पश्चात ब्रह्मा जी ने पुत्र कामदेव को आदेश दिया कि इस बाण से तुम जिस पर भी प्रहार करोगे, वह तुम्हारे वश में हो जाएगा. कामदेव ने अपने पिता के आदेश का पालन करते हुए अपने बाण को पिता पर ही चला दिया, जिससे ब्रह्मा जी को अपनी पुत्री संध्या के प्रति विकार उत्पन्न होने के कारण उन्हें आकर्षण महसूस होने लगा. सभी देवताओं ने घबराकर शिव जी का आवाहन किया, जिसके बाद शिव जी ने उपस्थित होकर ब्रह्मा जी को फटकार लगाई और अन्य देवताओं ने ब्रह्मा जी को समझाया. ब्रह्मा जी विकार के उत्पन्न होने से लज्जित हुए और कामदेव को श्राप दिया कि वह शिव जी के तीसरे नेत्र से जलकर भस्म हो जायेंगे. शिव जी ने कामदेव को वरदान दिया कि वह कृष्ण के रूप में जन्म लेंगे और प्रद्युम्न लाल के नाम से प्रसिद्ध होंगे. इस प्रकार सती प्रसंग के तहत पार्वती जन्मोत्सव की अद्भुत झांकी भी प्रस्तुत की गई. इस अवसर पर मंच संचालक केशव कुमार मिश्र, मुख्य यजमान पप्पू यादव, धर्मपत्नी बबिता देवी, दिलीप गुप्ता, राजेश राम, शंकर यादव, किशोर भारती, सिकंदर ठाकुर, कन्हैया कुमार, सुशील ठाकुर, सुनील गुप्ता, संतोष कसेरा आदि मौजूद थे.
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