जलकल अधीक्षक और वाटर वर्क्स प्रभारी को जारी कारण बताओ नोटिस के जवाब में दोनों अधिकारियों ने अपना लिखित पक्ष प्रस्तुत कर दिया है. जवाब में केमिकल की ऊंची दर पर खरीद को लेकर लगाये गये आरोपों को बेबुनियाद बताया गया है. अधिकारियों का कहना है कि जल शोधन के लिए उपयोग किये गये केमिकल की खरीद सरकारी नियमों के अनुरूप और खुली निविदा प्रक्रिया के जरिये की गयी थी. निविदा में चयनित कंपनी द्वारा ही सामग्री की आपूर्ति की गयी, जिससे पारदर्शिता बनी रही. केमिकल की खपत अधिक होने को लेकर भी अधिकारियों ने तकनीकी वजहें गिनायी है. उनके अनुसार नवंबर और दिसंबर के दौरान गंगा नदी के जलस्तर में असामान्य गिरावट आयी थी. जलस्तर कम होने से पानी में अशुद्धियों की मात्रा बढ़ गयी, जिसे शुद्ध करने के लिए निर्धारित मानकों के तहत अतिरिक्त केमिकल का प्रयोग करना पड़ा. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय पेयजल की गुणवत्ता बनाये रखने और उपभोक्ताओं को स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लिया गया था.
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