bhagalpur news. विश्वविद्यालयों की इमारतों पर सोलर प्लांट लगाने की प्रक्रिया में देरी, विभाग ने जतायी नाराजगी

बिहार सरकार के उच्च शिक्षा विभाग ने राज्य के विश्वविद्यालयों (पटना विश्वविद्यालय को छोड़कर) व संबंधित कॉलेजों में सोलर पावर प्लांट स्थापना से संबंधित जानकारी उपलब्ध नहीं कराने पर कड़ी नाराजगी जताई है

आरफीन, भागलपुर बिहार सरकार के उच्च शिक्षा विभाग ने राज्य के विश्वविद्यालयों (पटना विश्वविद्यालय को छोड़कर) व संबंधित कॉलेजों में सोलर पावर प्लांट स्थापना से संबंधित जानकारी उपलब्ध नहीं कराने पर कड़ी नाराजगी जताई है. इस लेकर उच्च शिक्षा विभाग के निदेशक प्रो एनके अग्रवाल ने टीएमबीयू सहित सूबे के विश्वविद्यालयों को पत्र भेजा है. उनसे विवि व काॅलेजवाइज रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है. इसका तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है. साथ ही विभाग ने चेतावनी भरे लहजे में संकेत दिया है कि शीघ्र रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गयी, तो आगे की कार्रवाई में विलंब होगी. इसकी जिम्मेदारी संबंधित विश्वविद्यालयों पर होगी. कॉलेजों को भेजा गया रिमाइंडर दूसरी तरफ टीएमबीयू के सीसीडीसी ने 24 मार्च को सभी कॉलेजों को पत्र भेजकर सोलर पावर प्लांट स्थापना से संबंधित जानकारी मांगी थी. बताया जा रहा कि एक कॉलेज छोड़कर 11 कॉलेज ने इसकी जानकारी नहीं भेजी है. ऐसे में टीएमबीयू प्रशासन ने उन कॉलेजों को रिमाइंडर भेजा है. सोलर पावर प्लांट स्थापना को लेकर अविलंब जानकारी देने के लिए कहा गया है. शिक्षा विभाग ने पहले भी लिखा था पत्र शिक्षा विभाग की ओर से पहले 17 नवंबर 2025 व पांच दिसंबर 2025 को पत्र जारी कर सभी विश्वविद्यालयों एवं उनके कॉलेजों से सूची मांगी गई थी. जिनकी ऊर्जा खपत क्षमता 20 किलोवाट से अधिक हो सकती है. उन भवनों पर सोलर पावर प्लांट लगाने की योजना के तहत यह जानकारी जरूरी मांगी थी, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके, लेकिन विभाग को अब तक अपेक्षित प्रतिवेदन प्राप्त नहीं हुआ है. ऐसे में 19 मार्च 2026 को पत्र जारी कर पुनः सभी संबंधित संस्थानों को स्मरण कराते हुए जल्द आवश्यक विवरण उपलब्ध कराने को कहा गया है. सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने की पहल सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने और सरकारी भवनों की ऊर्जा जरूरतों को स्वच्छ स्रोतों से पूरा करने के उद्देश्य से यह योजना अत्यंत महत्वपूर्ण है. पत्र में विवि प्रशासन से कहा गया कि कॉलेजों से ऊर्जा खपत रिपोर्ट एवं संभावित सोलर प्लांट क्षमता की जानकारी लेकर विभाग को उपलब्ध कराये. इस पहल से न केवल बिजली की लागत में कमी आयेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान मिलेगा. राज्य सरकार की यह योजना हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.

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Author: ATUL KUMAR

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